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सड़कों पर उतरे शैलर मालिक

Fri, 10 Jan 2014 11:57 PM IST
कुरुक्षेत्र
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हैफेड गोदाम परिसर में शुक्रवार को शैलर मालिकों ने कुरुक्षेत्र में एफसीआई के डीएम के खिलाफ प्रदर्शन किया तथा गोदाम के बाहर धरने पर बैठ गए।
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सभी शैलर मालिकों ने एकजुट होकर फैसला लिया कि एफसीआई की तानाशाही बर्दाश्त नहीं करेंगे।

कुरुक्षेत्र राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव सभ्रवाल ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कई सालों से जिस बारदाने में धान आता है उसी में चावल भरकर सप्लाई किया जाता है मगर वर्तमान एफसीआई के डीएम शैलर मालिकों को तंग करने के लिए नया बारदाना लगाने का दबाव बना रहे हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कुरुक्षेत्र राइस मिल एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष प्रेम थापर ने कहा कि वास्तव में एफसीआई विभाग ब्लैकमेलिंग करने पर तुला है। उनके मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे क्योंकि शैलर मालिक समुचित तरीके से चावल की सप्लाई कर रहा है तथा धान वाले बारदाने में चावल सप्लाई कर रहा है जो हर मायने में सही है।
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प्रेम थापर ने यह भी कहा कि हालांकि शैलर मालिक मात्र 15 रुपये प्रति क्विंटल मिलिंग चार्ज ले रहा है जो अपेक्षाकृत बेहद कम है। उसके बावजूद राइस मिल मालिक एफसीआई को हर संभव सहयोग करने को तैयार है। इस अवसर पर विश्वपाल गोयल, ज्ञान सिंगला, अशोक कुमार, ईश्वर सिंगला, नलिन गोयल, प्रेम थापर के अलावा अन्य शैलर मालिक मौजूद थे।
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वहीं, डीएमएफसीआई रोहित ने कहा कि उन्होंने केवल उन बोरियों को बदलने के लिए कहा है जो बेहद कटी-फटी हैं वास्तव में यह वारदाना जीरी वाला बारदाना नहीं है। जिले में लगभग 80 प्रतिशत शैलर मालिकों का चावल समुचित बारदाना होने की वजह से कोई दिक्कत नहीं आई है। मगर कुछ शैलर वालों का बारदाना गलत है, जिसे बदलने को कहा गया है। वास्तव में यह चावल दूसरे राज्यों में भी जाना होता है।
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