माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के पास शहर के कई सेक्टरों और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनियों की पेयजल और सीवरेज व्यवस्था की जिम्मेदारी है, लेकिन करीब पांच हजार डिफाल्टर उपभोक्ताओं पर करीब एक करोड़ रुपये का बिल बकाया है। जिसकी वसूली के लिए प्राधिकरण वीरवार से विशेष अभियान शुरू कर रहा है। सात दिन के बाद चेकिंग में बकायेदार पाए जाने पर पेयजल और सीवरेज का कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।
शहर के अधिकांश क्षेत्रों में सीवरेज और पेयजलापूर्ति की जिम्मेदारी नगर निगम की तो है ही, लेकिन शहर के सेक्टर चार से नौ, आठ ए, 12, 13, 13 एक्सटेंशन, 14 (एक) व (दो), 16 सेक्टर के साथ-साथ ओल्ड और न्यू हाउसिंग बोर्ड, हाउसिंग बोर्ड चार व छह की सीवरेज व पेयजल के साथ-साथ कई व्यवस्थाएं एचएसवीपी के पास हैं। एचएसवीपी के कार्यकारी अभियंता धर्मबीर मैहला ने बताया कि एचएसवीपी के सीवरेज व पेयजल के करीब 16 हजार उपभोक्ता हैं, लेकिन इनमें करीब पांच हजार उपभोक्ता ऐसे हैं जो सीवरेज व पेयजल के बिल का नियमित भुगतान नहीं कर रहे हैं। इन्हें डिफाल्टर घोषित कर दिया गया है। कई बार हिदायतें, नोटिस देने के बाद भी ये उपभोक्ता बकाया बिलों का भुगतान नहीं कर रहे हैं।
एक और मौका
डिफाल्टर उपभोक्ताओं को एक मौका और दिया जा रहा है। इनके लिए खास तौर पर सप्ताहभर का विशेष वसूली अभियान 18 अगस्त से शुरू किया जा रहा है। जिसमें सभी उपभोक्ता अपने बिलों का बकाया भुगतान कर सकते हैं। इसके बाद डोर टू डोर चेकिंग की जाएगी। बिल बकाया होने पर संबंधित उपभोक्ता का सीवरेज और पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा। इसके लिए उपभोक्ता ही जिम्मेदार होगा। इसलिए असुविधा से बचने के लिए सभी उपभोक्ता अपने बकाया सीवरेज और पेयजल के बिल का भुगतान कर सकते हैं।