वह उम्र के चौथे पड़ाव पर हैं। 75 वसंत देख चुके हैं लेकिन आज भी अपने जज्बे से युवाओं को मात दे रहे हैं। कर्णनगरी का यह बुजुर्ग धावक, अभी हर रोज एक किलोमीटर रेस और पांच किलोमीटर वॉक करता है। नाश्ते में भी आधा किलो दूध, उबले हुए चने, बादाम, दलिया और जूस शामिल है। बात हो रही है नेवल गांव के रहने वाले 75 वर्षीय मास्टर एथलेटिक जिले सिंह भोंसले की। जिन्होंने पिछले माह पंचकूला में 27 से 28 फरवरी को आयोजित मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में तीन सिल्वर मेडल अपने नाम किए। यह मेडल उन्होंने डिस्कश थ्रो, शॉटपुट और 5 किलोमीटर वाक में जीते हैं।
तीन साल पुलिस की नौकरी की मन नहीं लगा तो छोड़ दी
उन्होंने बताया कि वह स्कूल टाइम से ही खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेते आए हैं। 1965 में हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए पर मन नहीं लगा तो तीन साल बाद नौकरी छोड़ दी। घर पर खेती बाड़ी की, लेकिन अपने शौक को जिंदा रखा और जब मौका मिला तो अपनी प्रतिभा को साबित कर दिखाया। उन्होंने बताया कि 2016 से पहले मास्टर एथलेटिक्स प्रतियोगिता नहीं होती थी। परिवार में तीन बेटे हैं। दो बेटे एयरफोर्स में है और एक बेटा चंडीगढ़ सुखना लेक पर टूरिज्म विभाग में कार्यरत है।
कभी नशे का सेवन नहीं किया
-उन्होंने बताया कि नशा इंसान को अंदर से खोखला कर देता है। स्पोर्टस मैन को कभी नशे का सेवन नहीं करना चाहिए। एक खिलाड़ी का जीवन ता उम्र अनुशासन से भरा होता है। उन्होंने अपने जीवन में कभी नशा नहीं किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशा नहीं बल्कि शरीर का नशा होना चाहिए। हमेशा चुस्त-दुरुस्त और फिट रहने के लिए मेहनत करनी चाहिए।
ये हैं उपलब्धियां
-जिले सिंह ने बताया कि उन्होंने 2016 में पहली बार मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भाग लिया, जिसमें 1500, 800 मीटर में दो सिल्वर मेडल जीते। नेशनल के लिए चयन हुआ लेकिन मन को संतुष्टि नहीं मिली। सोचा पहले स्टेट चैंपियनशिप में गोल्ड जीतूंगा फिर नेशनल में भाग लूंगा। 2017 में पंचकूला में आयोजित स्टेट प्रतियोगिता में 100 गुणा 400 मीटर रिले रेस में गोल्ड जीता। उसी साल दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित नेशनल मास्टर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 100 गुणा 400 मीटर रिले दौड़ में सिल्वर मेडल जीता। 2018 पंचकूला में स्टेट चैंपियनशिप में 1500 मीटर दौड़ और 5 किलोमीटर वाक में सिल्वर मेडल जीता। 2019 स्वाई मान सिंह स्टेडियम जयपुर में 4 गुणा 400 मीटर रिले दौड़ में गोल्ड, 2020 पंचकूला में 100 गुणा 400 मीटर रिले दौड़ में सिल्वर मेडल हासिल किया।