संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने इफको टोक्यो जनरल इंश्योरेंस के खिलाफ शिकायत पर सुनवाई करते हुए दुर्घटना बीमा क्लेम को लेकर फैसला सुनाया है। इंद्री निवासी सोमपाल की यह शिकायत 15 लाख रुपये के व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा के दावे से संबंधित थी, जिसे बीमा कंपनी ने मृतक चालक का ड्राइविंग लाइसेंस न मिलने के कारण रोक रखा था। अब आयोग ने शिकायतकर्ता को आवश्यक दस्तावेज जमा करने की छूट दी है। साथ ही बीमा कंपनी को आदेश दिया कि दस्तावेज प्राप्त होने के दो महीने के भीतर दावे का निपटान किया जाए।
शिकायतकर्ता सोमपाल ने शिकायत की थी कि उनके बेटे अर्जुन की 31 जनवरी 2020 को सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। अर्जुन अपनी टीवीएस मोटरसाइकिल के पंजीकृत मालिक थे, उनका बीमा इफको टोक्यो से था। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि सभी दस्तावेज जमा करने के बावजूद कंपनी ने बीमा राशि का भुगतान नहीं किया और सेवा में कोताही बरती है। वहीं बीमा कंपनी ने तर्क दिया कि शिकायत अभी अपरिपक्व है। कंपनी ने पक्ष रखा कि उन्होंने शिकायतकर्ता को कई बार रिमाइंडर भेजे, लेकिन शिकायतकर्ता ने मृतक अर्जुन का वैध ड्राइविंग लाइसेंस और चालान की प्रति जमा नहीं की। यह दावे के निपटान के लिए अनिवार्य दस्तावेज हैं।
आयोग ने मामले की सुनवाई में पाया कि शिकायतकर्ता यह साबित करने में विफल रहे कि उन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस जमा कर दिया था। शिकायतकर्ता की ओर से साक्ष्य के तौर पर पेश किए गए दस्तावेजों में लाइसेंस शामिल नहीं था। 7 जनवरी 2026 को सुनाए गए फैसले में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष जसवंत सिंह की अध्यक्षता वाले आयोग ने शिकायत को वर्तमान स्थिति में समयपूर्व माना। हालांकि, आयोग ने शिकायतकर्ताओं को आवश्यक दस्तावेज जमा करने की छूट दी और बीमा कंपनी को निर्देश दिया कि दस्तावेज प्राप्त होने के दो महीने के भीतर दावे का निपटान किया जाए।