माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा सख्त नजर आए। एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने बीमा क्लेम लटकाने पर एलआईसी अधिकारी को फटकार लगाई, साथ ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।
एक अन्य मामले में एसपी को शिकायत देकर जांच के आदेश देते हुए कहा कि प्रार्थी योजना में पात्र नहीं था तो प्रीमियम क्यों लिया गया, जब व्यक्ति जीवित था तो उसकी जेब काटते रहे, अब जब वह नहीं रहा तो उसका हक मार रहे हो, ये कहां का न्याय है। सोमवार को बैठक पंचायत भवन के सभागार में हुई। इस दौरान 18 मामलों पर सुनवाई हुई जिनमें से आठ का मौके पर समाधान हुआ, जबकि 10 मामलों पर उन्होंने कार्यवाही और जांच के निर्देश दिए। शिकायतकर्ता मूनक निवासी रेखा ने बताया कि उसके पति सुरेश कुमार ने सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक मूनक शाखा में खाता खुलवाया था। इसी खाते के जरिये उन्होंने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत बीमा करवाया था।
अंतिम किस्त 25 मई 2024 को खाते से कटी। इसके बाद पांच अगस्त 2024 को सुरेश कुमार की मृत्यु हो गई। इसके बाद जब बीमा क्लेम की प्रक्रिया शुरू करवाई तो बैंक और एलआईसी के कर्मचारी सिर्फ टालमटोल करते रहे। नौ अप्रैल 2025 को महिला ने शिकायत दी थी लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ।
बैठक में जब पीड़िता ने मंत्री के सामने मामले को रखा तो रणबीर गंगवा ने तुरंत एलआईसी के अधिकारियों से जवाब मांगा। जवाब में एलआईसी अफसर ने पहले नियम व शर्तें गिनानी शुरू कीं, फिर कहा कि बैंक ने मृतक की फाइल लेट भेजी और साथ ही यह भी कहा कि मृतक क्लेम के लिए पात्र नहीं था। इस पर मंत्री भड़क गए और अफसर को फटकार लगाते हुए उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने के निर्देश दे दिए। एक अन्य मामले में सांभली गांव निवासी पालो देवी की बीमा राशि क्लेम संबंधित शिकायत पर मंत्री ने कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने एलडीएम को आदेश दिए कि वे इस विषय में एसपी करनाल को शिकायत दें, उसके बाद पुलिस अधिकारी रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करेंगे।