करनाल। इंद्री के फाजिलपुर गांव में खेत में खोदे गए गड्ढे में गिरने से सात वर्षीय बच्चे की मौत के बाद भी शहर में लापरवाही के ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। अमर उजाला के अभियान के तहत दूसरे दिन की पड़ताल में शहर के दो पॉश क्षेत्रों में खुले गड्ढे लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बने मिले। सेक्टर-9 की सड़क किनारे सीवरेज लाइन के लिए गड्ढा खोदा गया है, लेकिन इसके आसपास कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं।
वहीं, अटल पार्क के मुख्य द्वार के पास पार्किंग के नजदीक करीब 12 फुट गहरा और चौड़ा गड्ढा खुला पड़ा है। हैरानी यह है कि इसे किसने और क्यों खोदा, इसकी जानकारी भी किसी को स्पष्ट नहीं है। एडवोकेट संदीप राणा, राजकुमार और तेजपाल का कहना है कि संबंधित एजेंसियों को दोनों स्थानों पर तत्काल बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाने चाहिए। साथ ही गड्ढों की जिम्मेदारी तय कर उन्हें सुरक्षित करने या काम पूरा होने पर भरने की कार्रवाई करनी चाहिए।
रात में दुर्घटना का खतरा अधिक
सेक्टर-9 में सीवरेज लाइन के लिए सड़क किनारे खोदे गए गड्ढे के पास से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। इसके बावजूद गड्ढे के आसपास न बैरिकेडिंग है और न ही कोई चेतावनी संकेत लगाया गया है। रात या कम रोशनी में गड्ढा दिखाई नहीं देने पर दुर्घटना का खतरा और बढ़ सकता है।
सुबह से रात तक पार्क में रहती है भीड़
अटल पार्क के मुख्य द्वार के पास पार्किंग के नजदीक करीब 12 फुट गहरा गड्ढा खुला है। सुबह जल्दी से लेकर रात तक पार्क में बड़ी संख्या में लोग घूमने और समय बिताने आते हैं। इनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल होते हैं। ऐसे व्यस्त स्थान पर खुला गड्ढा किसी हादसे का कारण बन सकता है।
यह गड्ढे क्यों हैं, मेरे संज्ञान में नहीं है। इंजीनियरिंग विंग से इसकी जांच कराई जाएगी। यदि लापरवाही पाई जाती है तो कार्रवाई भी करेंगे। - धर्मबीर सिंह, एसई, एचएसवीपी
अटल पार्क के पास बना गड्ढा संवाद