नगरपालिका की ओर से दया नगर बस्ती में बने डिस्पोजल टैंक के मेनहोलों को सफाई के बाद खुला छोड़ दिया गया है। इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
शुक्रवार को नगरपालिका की ओर से यहां सफाई अभियान चलाया गया था लेकिन सफाई के बाद इन दोनों मेनहोलों को खुला छोड़कर आसपास रहने वाले बच्चों व राहगीरों के लिए खतरा पैदा कर दिया गया है। प्रशासन की जागरूकता का इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बचाव के लिए मेनहोलों के आसपास कोई बैरीकेट तक नहीं लगाए गए हैं।
इस स्थान पर यह मेनहोल बने हुए हैं, इसके एक ओर राजकीय प्राथमिक पाठशाला है तो दूसरी तरफ एक निजी स्कूल है। इन दोनों स्कूलों में डेढ़ हजार बच्चे शिक्षा प्राप्त करने आते हैं। यह खुले मेनहोल इन स्कूली बच्चों के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं क्योंकि थोड़ी लापरवाही में ही यदि कोई बच्चा मेनहोल में गिरा तो उसकी जान पर बन जाएगी।
इससे पहले भी प्रदेश में इसी तरह खुले मेनहोल में गिरने से कई बच्चों की मौत हो चुकी है। इसके बाद हरियाणा व पंजाब उच्च न्यायालय ने प्रदेश सरकार को कहीं भी ट्यूबवेल बोर या किसी अन्य किसी खुले मेनहोल को तुरंत बंद करने के आदेश दिए थे। इसके बाद नगरपालिका तरावड़ी ने भी कई जगह ऐसे मेनहोलों को तलाश कर उन्हें बंद करने के नोटिस दिए थे।
इस आदेश को स्वयं पर अमल में लाना भूल गए। नगरपालिका सचिव सुशील कुमार का कहना है कि सोमवार को मेनहोल की साइडों की टूटी दीवार बनाकर बंद किया जाएगा और तब तक कोई दुर्घटना नहीं हो। इसके लिए इन मेनहोलों के आगे बैरीकेट लगाए जाएंगे।