करनाल। डॉक्टरों की हड़ताल और रविवार के साप्ताहिक अवकाश के बाद सोमवार को 72 घंटे बाद जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी खुली तो मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। कई मरीजों को पंजीकरण काउंटर पर डेढ़ घंटे तक लाइन में लगना पड़ा, इसके बाद डॉक्टर के कक्ष के बाहर करीब एक घंटे इंतजार करना पड़ा। जांच के लिए डॉक्टर के पास मरीज को महज दो मिनट का समय मिला और फिर दवा लेने के लिए भी करीब 50 मिनट तक फार्मेसी काउंटर पर इंतजार करना पड़ा।
घरौंडा में एक डॉक्टर के साथ हुए विवाद के बाद प्रदेशभर के सरकारी चिकित्सक हड़ताल पर चले गए थे। इसके चलते दो दिन तक सामान्य ओपीडी सेवाएं बंद रहीं, जबकि रविवार को साप्ताहिक अवकाश के कारण अस्पताल में केवल इमरजेंसी सेवाएं संचालित की गईं। ऐसे में सोमवार को तीन दिनों से इलाज का इंतजार कर रहे मरीज सुबह से अस्पताल पहुंचने लगे, जिसके चलते अस्पताल परिसर में भारी भीड़ नजर आई।
जनरल मेडिसिन विभाग में पहुंचे सबसे अधिक मरीज
सुबह नौ बजे ओपीडी शुरू होते ही रजिस्ट्रेशन काउंटर और विभिन्न विभागों के बाहर कतारें लग गईं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सोमवार को विभिन्न विभागों की ओपीडी में 2190 मरीजों ने उपचार लिया। जबकि सामान्य दिनों में ओपीडी में करीब 1500 मरीजों की जांच होती है। सोमवार को सबसे अधिक मरीज जनरल मेडिसिन विभाग में पहुंचे, जहां 469 मरीजों की जांच की गई। तीन दिन से इलाज का इंतजार कर रहे कई मरीज सुबह जल्दी अस्पताल पहुंच गए थे। भीड़ अधिक होने के कारण अस्पताल में हर चरण पर मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ा हालांकि ओपीडी शुरू होने के बाद मरीजों को इलाज मिलने से राहत जरूर मिली।
प्रक्रिया
का समय
पंजीकरण काउंटर
करीब 1.5 घंटा
डॉक्टर कक्ष के बाहर इंतजार करीब 1 घंटा
दवा लेने में
करीब 50 मिनट
विभाग अनुसार ओपीडी में आए मरीज
एआरटी सेंटर
5
आयुर्वेद
23
दंत रोग
76
त्वचा रोग
168
ईएनटी
168
इमरजेंसी
49
फीवर क्लीनिक
50
जनरल मेडिसिन
469
जनरल सर्जरी
136
होम्योपैथी
57
एनसीडी क्लीनिक
36
स्त्री एवं प्रसूति रोग
202
नेत्र रोग
236
हड्डी रोग
161
बाल रोग
97
फिजियोथेरेपी
21
मनोरोग
113
श्वसन रोग
123
कुल मरीज : 2190
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मरीजों का दर्द
दो दिन से इलाज के लिए अस्पताल आ रही थीं लेकिन हड़ताल के कारण जांच नहीं हो पाई। आज काफी देर इंतजार करना पड़ा लेकिन डॉक्टर ने जांच कर दवाई दे दी, अब राहत है।
- किरण
दो दिनों से लगातार आ रही थी आज जाकर दवाई मिली है। भीड़ बहुत ज्यादा थी। पहले पर्ची बनवाने में और फिर डॉक्टर को दिखाने में समय लगा, लेकिन इलाज मिल गया है। - ममता
वर्जन
मरीजों की अधिक संख्या को देखते हुए सभी विभागों के चिकित्सकों को अतिरिक्त समय तक सेवाएं देने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी मरीज को इलाज से वंचित न रहना पड़े।
- डॉ. दीपक गोयल, प्रवक्ता, जिला नागरिक अस्पताल