- सात चरण के बाद भी जिले के 10 राजकीय संस्थानों में 17.3 फीसदी सीटें रिक्त
- सबसे ज्यादा करनाल आईटीआई में 132 सीटें रिक्त, 63 नए दाखिले हुए
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। आईटीआई में दाखिले के लिए संस्थान प्रबंधकों का जोर और निदेशालय के प्रयास जिले में ज्यादा रंग नहीं ला पाए हैं। सातवें और अंतिम चरण में करीब 26 दिन चली दाखिला प्रक्रिया में महज दो प्रतिशत सीटें ही भर पाई हैं। इन प्रतिशत सीटों में महज 63 दाखिले ही 10 राजकीय संस्थानों में हो पाए।
विदित हो कि चार सितंबर को आईटीआई में दाखिले की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू हुई थी। ताकि जो विद्यार्थी दाखिले से वंचित रह गए, उन्हें भी मौका मिल सके। इस दौरान 30 सितंबर तक सभी आईटीआई में रोजाना ऑन द स्पॉट दाखिले दिए गए लेकिन ज्यादा विद्यार्थी नहीं जुट पाए। वहीं संस्थान का स्टाफ भी चुनाव में ड्यूटी होने के कारण व्यस्त रहा। ऐसे में विभाग के प्रयास रंग नहीं ला पाए।
तीन सितंबर तक जिले के सभी 10 राजकीय संस्थानों में अभी भी 19.3 प्रतिशत सीटें रिक्त थी, 26 दिन की प्रक्रिया के बाद यह घटकर 17.3 प्रतिशत रह गई हैं। सबसे ज्यादा करनाल आईटीआई में 132 सीटें रिक्त हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में 10 राजकीय संस्थान में 3428 सीटों पर दाखिले की प्रक्रिया चली, इनमें से 591 सीटों पर कोई विद्यार्थी दाखिला लेने नहीं पहुंचा। जबकि विभाग की ओर से अगस्त की शुरुआत में दाखिले देना शुरू किए गए थे।
चार संस्थानों में हुए दाखिल रद्द
जिले में चार आईटीआई ऐसी भी हैं, जहां दाखिले रद्द हुए हैं। जांबा, करनाल महिला, नलवी और तरावड़ी आईटीआई में रिक्त सीटों की संख्या एक माह में बढ़ गई है। जबकि बल्ला आईटीआई में इस 26 दिन की प्रक्रिया में एक भी दाखिला नहीं हुआ। यहां पहले की तरह अब भी 76 सीट ही रिक्त हैं। जिले में जांबा और तरावड़ी आईटीआई में सबसे कम महज तीन-तीन सीटें ही रिक्त हैं। वहीं नई खुली आईटीआई नलवी में करीब आधी सीटें रिक्त हैं।
किस राजकीय आईटीआई में कितनी सीटें रिक्त
आईटीआई
कुल सीटें
रिक्त
करनाल
1404
132
निसिंग
488
129
घरौंडा
312
86
बल्ला
264
76
करनाल महिला
340
64
असंध
224
41
इंद्री
152
34
नलवी
44
23
तरावड़ी
108
03
जांबा
92
03