संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत अब लाभार्थियों को ई-दिशा पोर्टल पर शादी का ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। यह जानकारी उपायुक्त उत्तम सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। विवाह के छह महीने पूरे होने से पहले पंजीकरण करना आवश्यक है। पंजीकरण के बाद ही कन्या के माता-पिता को योजना के तहत अनुदान दिया जाएगा। योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति, और बीपीएल परिवारों को 71 हजार रुपये तक का लाभ मिलेगा। बीपीएल सूची में आने वाले सामान्य और पिछड़े वर्ग के परिवारों को 31 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा।
वहीं अनुसूचित जाति और विमुक्त जाति के परिवार जिनकी आय एक लाख 80 हजार रुपये से कम है, उन्हें भी 31 हजार रुपये का लाभ मिलेगा। बीपीएल सूची में आने वाले सभी वर्ग की विधवाओं बेसहारा महिलाएं, जिनकी वार्षिक आय 80 हजार से कम होगी, उन्हें 51 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा।
विवाहित युगल 40 प्रतिशत या इससे ज्यादा दिव्यांग है तो उन्हें 51 हजार की सहायता दी जाएगी। पति या पत्नी में से किसी एक के 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग होने पर 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए जल्द से जल्द ऑनलाइन पंजीकरण करने की अपील की गई है।