संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। मधुबन थाना क्षेत्र के कैरवाली गांव स्थित टायर पिघलाकर फर्नेस ऑयल बनाने वाली फैक्टरी में हुए धमाके में झुलसे पांच मजदूरों में से यूपी के प्रयागराज जिले के गांव नारायणपुर के निवासी रामावध ने मंगलवार को पीजीआई रोहतक में दम तोड़ दिया। संजय, जनार्दन की हालत गंभीर बनी हुई है। घायल मुकुरघुन करनाल के निजी अस्पताल में दाखिल हैं। मधुबन थाना पुलिस ने आरोपी फैक्टरी मालिक सुमित, राहुल और केयरटेकर बलराज को गिरफ्तार नहीं किया है।
21 फरवरी को दोपहर करीब 12 बजे गांव कैरवाली के पास स्थित बजरंग इंडस्ट्रीज में टायर पिघलाने का काम चल रहा था। इसी दौरान रिएक्टर मशीन का मुख्य दरवाजा खोलते समय जोरदार धमाका हुआ। धमाके के साथ मशीन से आग और कार्बन तेज गति से बाहर निकला, जिसकी चपेट में आकर पास खड़े चार मजदूर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के गांव नरायणपुर निवासी मुराली सहानी, रामावध, संजय और जनार्दन गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा एक अन्य श्रमिक मुकुरघुन भी झुलस गया।
सभी को पहले करनाल के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत के चलते संजय, रामावध और जनार्दन को पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया था। मुराली साहनी को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई थी।
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सुरक्षा उपकरण न मिलने से गई मजदूर की जान
हादसे में झुलसे मुराली साहनी ने बताया कि रामावध के परिवार में पत्नी और 18 साल का बेटा है। अब परिवार में कोई कमाने वाला नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार मजदूरों ने कंपनी मालिक सुमित, राहुल और केयरटेकर बलराज से सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की थी। हर बार उन्हें केवल आश्वासन दिया जाता था। अगर सुरक्षा उपकरण होते तो मजदूर की जान बच सकती थी।
घरौंडा रामाअवध की फाइल फोटो