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पटाखे की फैक्टरी में बलास्ट, एक की मौत, तीन झुलसे

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पटाखा फैक्टरी में धमाका होने से घोघड़ीपुर गांव दहल उठा। आवाज सुनकर लोग घरों से बाहर निकल आए। जिस फैक्टरी में यह धमाका हुआ उसके समीप एक गत्ते की फैक्टरी भी है वहीं कुछ दूर डेरे भी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वह घर में काम कर रहे थे। तभी अचानक धमाके की आवाज आई जैसे कि बम फट गया हो। बाहर निकले तो पास की पटाखा फैक्टरी में अफरा तफरी मची थी। कुछ समय बाद दमकल विभाग की गाड़ियों की आवाज भी सुनाई देने लगी। यह फैक्टरी श्रीफायर वर्कस के नाम से मूनक रोड पर घोघड़ीपुर गांव से पहले खेतों में करीब एक एकड़ में लगी है। वहां पर शाम के समय कुछ मजदूर पटाखे बना रहे थे। बताया जा रहा है कि जहां पर पटाखों के लिए बारूद रखा था वहीं पर मशीन की चिंगारी से आग लग गई और धमाका हुआ। पुलिस के अनुसार मृतक के बारे में अभी तक जानकारी नहीं मिली है कि वह कहां का रहने वाला है। पुलिस का कहना है कि अभी वह जांच कर रहे हैं।
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फैक्टरी मालिक का सड़क पर है गोदाम
फैक्टरी मालिक का फैक्टरी से अलग करीब 300 मीटर की दूरी पर सड़क पर गोदाम भी है। वहां पर वह पटाखे बेचता है लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि सुंदर लाल गुप्ता के पास पटाखे बेचने का लाइसेंस है या पटाखे बनाने का। फिलहाल इसकी जांच की जा रही है। लोगों का कहना है कि यह फैक्टरी कई सालों से है और इसमें 20 से ज्यादा लोग काम करते थे।
दो घंटे बाद पहुंची पुलिस, तब तक मालिक फरार
इस घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्योंकि फैक्टरी में धमाका होने के करीब दो घंटे बाद मधुबन थाना पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन वहां गेट पर ताला लगा मिला और फिर वापस लौट गई। इस बड़े हादसे में पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई है। फैक्टरी में धमाका होने के बाद मजदूरों को अस्पताल में दाखिल कराया गया। इसके तुरंत बाद मालिक ने फैक्टरी के मेन गेट पर ताला लगवा दिया और फरार हो गया। मालिक अस्पताल में भी नहीं पहुंचा। यह फैक्टरी लाइसेंसी थी या अवैध रूप से चल रही थी। अभी इसका पता नहीं चल पाया है। जांच के लिये डीसी ने कमेटी का गठन किया है।
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पहले भी हो चुके हादसे, अवैध रूप से चल रही कई फैक्टरी
पिछले साल कुंजपुरा की पटाखा फैक्टरी में आग से एक मजदूर की मौत हुई थी। इससे अलग जिले में कई जगहों पर अवैध रूप से पटाखा फैक्टरी चल रही हैं। वहीं करीब दो वर्ष पहले शिव कॉलोनी क्षेत्र में पोटाश कूटते हुए एक बच्चे की विस्फोट से दर्दनाक मौत हो गई थी। प्रशासन ने इन घटनाओं के बाद भी सख्ती नहीं की।
घोघड़ीपुर के समीप पटाखा फैक्टरी में हुए धमाके में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई है। जिसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। इससे अलग तीन व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हैं। उनका इलाज चल रहा है। फैक्टरी किसी सुंदर लाल के नाम है। मामले की जांच की जा रही है।
-संजीव मलिक, मधुबन थाना प्रभारी
पटाखा फैक्टरी में हुए धमाके को लेकर एक कमेटी का गठन कर दिया है। मामले की गहना से जांच कराई जाएगी कि फैक्टरी के मालिक के पास पटाखे बनाने का लाइसेंस था कि नहीं, इससे अलग फायर सेफ्टी इंतजाम थे कि नहीं। इन सभी की गहनता से जांच कराई जाएगी।
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-निशांत कुमार, डीसी करनाल
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