कस्बे व आसपास के गांवों में डेंगू बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा
है। निजी लैबों व अस्पतालों में बुखार के मरीजों की लंबी लाइनें लगी हैं।
रविवार रात को धर्मबीर कॉलोनी में संदिग्ध डेंगू से पीड़ित मरीज निरभ शर्मा
की मौत हो गई। निरभ की मौत से लोगों में दहशत का माहौल है।
दो दिन पहले नई
अनाज मंडी के प्रधान पवन गुप्ता के डेढ़ महीने के सुपौत्र की डेंगू से
दिल्ली में मौत हो गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि डेंगू बुखार से लोग मर
रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग डेंगू बुखार की रोकथाम के प्रति कोई ठोस
कदम नहीं उठा रहा है।
घर-घर मिला लार्वा, नहीं हुई डेंगू की रोकथाम
शहर
में लगभग दो महीने से डेंगू बुखार ने पांव पसार रखे हैं। डेंगू बुखार पर
रोकथाम के लिए लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से कई बार गुहार लगाई पर कोई ठोस
कार्रवाई नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने शहर में खानापूर्ति के लिए
फॉगिंग कराई और घर-घर जाकर लार्वा चेक किया। लार्वा सर्च अभियान में ऐसा
कोई वार्ड नहीं था, जहां पर डेंगू फैलाने वाले मच्छर का लार्वा नहीं मिला
हो। सरकारी अस्पतालों में डेंगू बुखार का इलाज न होने के कारण लोगों को
निजी अस्पतालों में अपना मजबूरन इलाज कराना पड़ रहा है।
सरकारी अस्पताल में नहीं है इलाज
सामुदायिक
स्वास्थ्य केंद्र के एसएमओ कुलबीर सिंह ने बताया कि शहर में लगभग आधा
दर्जन लोगों को डेंगू बुखार होने की पुष्टि हुई है। डेंगू से किसी की भी
मौत होने की पुष्टि नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में डेंगू
बुखार का कोई इलाज नहीं है, केवल सुझाव दिए जा सकते हैं।