नगर निगम की टीम ने शुक्रवार को शहर में प्रॉपर्टी टैक्स के डिफाल्टरों की कामर्शियल बिल्डिंगों को सील करने की कार्रवाई को शुरू किया। टॉप पांच बिल्डिंग सील करने की कार्रवाई में एक को सील किया गया। वहीं एक ने मौके पर ही 30 लाख रुपये का टैक्स चुकाया। एक बिल्डिंग में पीजी चला होने के कारण दो दिन में खाली करने की चेतावनी दी गयी है और एक को सोमवार के दिन सील किया जाएगा।
उपायुक्त की ओर से इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए बीडीपीओ नीलोखेड़ी अशोक छिकारा को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया था, जो पूरे दल-बल के साथ सभी जगहों पर मौजूद रहे। ज्वाइंट कमिश्नर ने बताया कि निगम की तरफ से प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए बार-बार नोटिस दिए गए। इसके बाद आखिर में शुक्रवार को प्रॉपर्टी टैक्स डिफाल्टरों पर शिकंजा कसते हुए उनके प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई शुरू कर दी। जब तक 250 करोड़ का बकाया जमा नहीं होता तब तक सीलिंग की कार्रवाई निरंतर चलती रहेगी। निगम की टीम में संयुक्त आयुक्त गगनदीप सिंह, उप निगमायुक्त धीरज कुमार, सचिव बल सिंह, कर अधीक्षक अनिल सैनी के अतिरिक्त डीटीपी व टैक्स शाखा के कर्मचारी भी सम्मिलित रहे।
एसबीआई ट्रेनिंग सेंटर का भवन सील
सबसे पहले निगम की टीम ने मॉडल टाउन क्षेत्र में पूर्व में एसबीआई के ट्रेनिंग सेंटर रहे भवन को सील किया। वर्तमान में यहां विद्यांजलि प्री स्कूल और पीजी चल रहा था। टीम ने कार्रवाई करते हुए विद्यांजलि प्री स्कूल के पार्ट को सील कर दिया। दूसरे पार्ट में पीजी के बच्चे रह रहे थे, उनको अगले दो-तीन दिनों में शहर में अन्यत्र अपना ठिकाना देखने का समय दिया। इस प्रॉपर्टी का निगम की ओर 1 करोड़ 63 लाख 55 हजार 122 रुपये बकाया है।
मालिक बोले टैक्स कर चुके हैं अदा
निगम की टीम ने एनएच-44 के साथ लगते सेक्टर-39 में जाकर एक प्रॉपर्टी को सील करने की कार्रवाई को जैसे ही प्रारंभ किया। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि निगम को इसका टैक्स अदा किया गया है। निगम अधिकारियों का कहना था कि यदि टैक्स की अदायगी की गई है, तो वह निगम के रिकॉर्ड में क्यों नहीं आई। जगह पर काम कर रहे पतंजलि संस्थान के कर्मचारियों ने बताया कि इस जगह की पहले एक प्रॉपर्टी आईडी थी, अब दो हैं। इनमें से एक का टैक्स भरा हुआ है। निगम अधिकारियों ने कहा कि जगह की दोबारा पैमाइश कर ली जाएगी। उसके बाद जो भी तय होगा, वही किया जाएगा, या तो प्रॉपर्टी के मालिक टैक्स भरेंगे या सीलिंग की कार्रवाई झेलनी पड़ेगी। इस प्रॉपर्टी पर निगम का 35 लाख 992 रुपये बकाया है।
सील की कार्रवाई करने पहुंची टीम को दिया 30 लाख का चेक
एनएच-44 के साथ लगते सेक्टर-38 में एक प्रॉपर्टी लकड़ी का टाल व धर्मकांटा बना हुआ है, जो 30 लाख 70 हजार 871 रुपये के बकायादार हैं। जैसे ही प्रॉपर्टी को सील करने की कार्रवाई शुरू हुई, प्रॉपर्टी मालिक ने तुरंत 30 लाख 77 हजार 871 रुपये का पोस्ट डेटिड चैक निगम अधिकारियों के हाथों में थमा दिया।
सोमवार को सील करेंगे सीमेंट गोदाम
न्यू बहादुर चंद कॉलोनी में एक सीमेंट गोदाम की प्रॉपर्टी को भी शुक्रवार को सील किया जाना था। दूसरी जगहों पर ज्यादा समय लगने के कारण सोमवार तक टाल दिया गया। इस प्रॉपर्टी के मालिक की तरफ 41 लाख 2 हजार 112 रुपये का टैक्स बकाया है।
निगम के पास 16.57 करोड़ रुपये हुए जमा
निगम के प्रयासों से अब तक 16 करोड़ 57 लाख रुपये की राशि खजाने में जमा हो चुकी है। अभी मार्च का महीना शेष है। इसमें बकायादार अपना प्रॉपर्टी टैक्स अदा कर सकते हैं। ऐसा नहीं करने वालों पर 18 प्रतिशत ब्याज अतिरिक्त रूप से जुड़ जाएगा। उपायुक्त एवं नगर निगम आयुक्त निशांत कुमार यादव ने सभी प्रॉपर्टी टैक्स बकायादारों से अपील की है कि वे जनहित में अपना टैक्स निगम को अदा कर दें, जो शहर की बहबूदी पर ही खर्च होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की ओर से भविष्य में शहरी निकायों को कोई ग्रांट नहीं मिलेगी। विकास कार्यों और अन्य खर्चों को चलाने के लिए निगम को अपने संसाधनों से ही आय सृजित करनी होगी।