कुरुक्षेत्र के सरकारी और राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त जिला के 821 स्कूलों और 1075 आंगनबाड़ी केंद्रों के करीब एक लाख 38 हजार विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने इस जांच अभियान के लिए 32 सदस्यों की आठ टीमों का गठन किया है। यह टीमें स्कूलों जाकर विद्यार्थियों में खून की कमी, जन्मजात बीमारी, विकलांगता व अन्य बीमारियों की पहचान कर मौके पर दवाइयां भी देंगी। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की जांच करने का यह अभियान 11 नवंबर से स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शुरू किया जा रहा है। यह जानकारी उपायुक्त निखिल गजराज ने दी।
डीसी ने बुधवार देर शाम अपने कार्यालय में अधिकारियों की एक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला कुरुक्षेत्र के स्कूली व आंगनबाड़ी केन्द्रों में पंजीकृत बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करने का विशेष अभियान 11 नवंबर से शुरू किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से गठित की गई आठ टीमें साल में एक बार स्कूलों और दो बार आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के स्वास्थ्य की जांच करेंगी। इन टीमों के सदस्यों को तीन दिन का प्रशिक्षण देने का कार्य पूरा किया जा चुका है। ये टीमें थानेसर, लाडवा, मथाना, पिहोवा, इस्माईलाबाद, शाहबाद, किरमच व झांसा में बनाए गए मुख्यालयों पर तैनात रहेंगी। इन टीमों पर भी एसडीएम व सीएमओ अपनी नजर रखेंगे। उन्होंने कहा कि इस अभियान को कामयाब करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।
्रजिला शिक्षा अधिकारी यह सुनिश्चित करेगा की स्वास्थ्य जांच के दिनों में सभी विद्यार्थी व शिक्षक स्कूलों में हाजिर रहेंगे। आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। इस मौके पर एडीसी डॉ. यश गर्ग, एसडीएम अशोक बांसल, एसडीएम एचसी भाटिया, सीएमओ डॉ. शिव कुमार, डॉ. मधु शर्मा, एआईपीआरओ नरेंद्र सिंह, पीओआईसीडीएस गुरविंद्र कौर मल्ली, परमिंद्र कौर आदि मौजूद थे।