संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सोनीपत पुलिस के दबाव में आने के बाद तरावड़ी निवासी मलखान का खुद को अदालत में चेतराम बताना इतना भारी पड़ गया कि उसे दो साल तक हत्या के आरोप में बेकसूर होने पर भी सलाखों के पीछे रहना पड़ा। मलखान नाथ ने बाद में हर तारीख पर खुद का असली नाम बताया लेकिन सुनवाई नहीं हो पाई। अब बाहर आने के बाद उसने करनाल पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए करनाल के एसपी गंगाराम पूनिया ने मामला अब पुलिस आयुक्त सोनीपत को भेज दिया है। इधर, पीड़ितों ने सोनीपत पुलिस पर कार्रवाई न होने के आरोप में सोमवार को डीजीपी से मिलने का अल्टीमेटम दिया हुआ है। मामले के अनुसार, असम के लीधू शहर से 11 दिसंबर, 2023 को सोनीपत के पिनाना गांव की केला देवी के हत्या के मामले में गिरफ्तार किए तरावड़ी निवासी मलखान नाथ को गन्नौर सीआईए ने थर्ड डिग्री टॉर्चर किया। उसे अदालत में खुद को चेतराम बताने के लिए धमकाया गया। मलखान नाथ को 21 दिसंबर, 2023 को अदालत में पेश करने से पहले पुलिस की टीम ने कनपटी पर पिस्तौल रखकर अदालत में खुद को चेतराम बताने के लिए कहा। खौफ में आए मलखान ने इसके बाद पहली तारीख पर खुद को चेतराम बताया। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
इसके बाद तारीख आई, फिर उन्होंने खुद को मलखान नाथ बताया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई और लगातार मामला चलता रहा। पीड़ित का परिवार भी लगातार पुलिस के आला अधिकारियों से रिहाई की गुहार लगाता रहा लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई।
अदालत में लगीं 20 तारीख, घर तक बिक गया
मलखान नाथ का कहना है कि उनका घर भी बिक गया, अब पड़ोस के घर में रहते हैं। मामले की सुनवाई के लिए दो साल के भीतर करीब 20 तारीख अदालत में लगी। फरवरी, 2024 में मलखान नाथ के अधिवक्ता ने डीएनए जांच करवाए जाने की मांग की। जोकि अदालत ने मंजूर कर ली लेकिन अक्तूबर 2025 तक उसकी रिपोर्ट जारी नहीं हो पाई। उनके अधिवक्ता अशोक चंदानी ने अक्तूबर में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में डीएनए रिपोर्ट जारी करवाए जाने की याचिका दायर की। अदालत की ओर से एफएसएल मधुबन के निदेशक, डीजीपी हरियाणा पुलिस, सरकार के मुख्य सचिव और सोनीपत एसपी को नोटिस जारी किया गया। इसके बाद डीएनए की रिपोर्ट आई। जिसमें मलखान नाथ की रिपोर्ट आरोपी चेतराम के परिवार से मिलान नहीं हो पाई और उनके खुद के परिवार से मिलान हुआ। अदालत ने 29 नवंबर, 2025 को मलखान नाथ को रिहा करने के आदेश दिए।
ये है मामला
वर्ष 1997 में सोनीपत के पिनाना गांव में चेतराम ने केला देवी पत्नी राजेंद्र की हत्या कर दी थी। सोनीपत के शहर थाना पुलिस ने हत्या की प्राथमिकी दर्ज की थी। तीन साल मुकदमे का ट्रायल चला और दोषी चेतराम को आजीवन कारावास की सजा हुई। आजीवन कारावास की सजा के दौरान दोषी चेतनाथ वर्ष 2000 में पेरोल पर बाहर आया। पेरोल खत्म होने के बाद वापस जेल नहीं गया। मलखान नाथ दिसंबर, 2023 में अपने रोजगार के लिए असम गए थे। 11 दिसंबर 2023 को सीआईए गन्नौर की टीम ने उन्हें केला देवी की हत्या के मामले में पकड़ा था। डीएनए जांच के बाद पाया गया कि वह चेतराम नहीं हैं। 29 नवंबर, 2025 को उन्हें रिहा कर दिया गया।