संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन की अगली रणनीति के तहत 29 नवंबर को किसान 500 ट्रैक्टरों के काफिले के साथ संसद भवन की तरफ कूच करेंगे। उसके बाद प्रतिदिन इतनी ही संख्या में ट्रैक्टरों से कूच होगा और किसान वापस नहीं आएंगे बल्कि वहीं पर पड़ाव डालेंगे। राकेश टिकैत सोमवार शाम भाकिूय जिला संरक्षक महताब सिंह कादयान के नमस्ते चौक के समीप स्थित आवास पर कुछ देर रुके और कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक गतिविधियों पर बातचीत की। वे पंजाब से गाजीपुर बॉर्डर की ओर जा रहे थे।
इस दौरान राकेश टिकैत, भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रतन मान, प्रदेश संगठन मंत्री शाम सिंह मान व कार्यकर्ताओं सहित राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप स्थित एग्रो माल पहुंचे और इसकी स्थिति के बारे में जाना। टिकैत ने कहा कि जिस उद्देश्य के लिए किसानों से जमीन ली थी यदि वह पूरा नहीं किया तो यह जमीन किसानों को वापस की जानी चाहिए। यदि सरकार इस एग्रो माल को बेचने का प्रयास करेगी तो पुरजोर विरोध किया जाएगा। इसकी नीलामी नहीं होने दी जाएगी। जो अधिकारी इसकी सौदेबाजी में ज्यादा रुचि लेगा उसके कार्यालय को सील कर देंगे। किसान इस मॉल के सामने नॉट फॉर सेल का नोटिस लगाएंगे।
टिकैत ने कहा कि वे जीवन भर कभी चुनाव नहीं लड़ेंगे। आंदोलन के बाद भी उनका चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है। एक किसान संगठन द्वारा अलग से यात्रा निकालने या किसी चुनावी गतिविधि में रुचि लेने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
भाकियू का राजनीति से नहीं कोई सरोकार
भाकियू प्रदेश अध्यक्ष रतन मान ने कहा कि जिसने अलग राजनीतिक पार्टी बनानी है वह किसान संगठन को अलविदा कहे। किसान आंदोलन को दूषित न करें। एग्रो मॉल की 137 करोड़ में नीलामी करने की योजना थी जिसे किसान पूरा नहीं होने देंगे। किसानों से सस्ते में जमीन लेकर यह माल चार एकड़ में बनाया गया है। किसान इसे बेचने नहीं देंगे।
मान ने कहा कि मंगलवार को जींद स्थित जाट भवन में सुबह दस बजे संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा की बैठक होगी। जिसमें शहीद किसान सम्मान यात्रा निकालने की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। यह यात्रा 24 नवंबर को मोहड़ी अनाज मंडी अंबाला से चलेगी और दिल्ली पहुंचेगी।