माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। भाजपा की करनाल जिले की टीम में इस बार अधिकतर नए चेहरों को जगह दी गई है। मुख्य टीम में दो पदाधिकारियों सहित चार चेहरे पुरानी टीम से लिए गए हैं। नई टीम में छह उपाध्यक्ष सहित 22 पदाधिकारी बनाए गए हैं जिसमें कार्यकारी जिलाध्यक्ष रहे ब्रज गुप्ता व महासचिव रहे सुनील गोयल को भी जगह नहीं मिली है।
लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय जैसे बड़े चुनावों में कड़ी मेहनत करके सभी सीटों पर बड़ी जीत दिलाने के लिए मेहनत करने वाली पुरानी टीम के पदाधिकारियों के दिल में कहीं न कहीं टीम से बाहर किए जाने की टीस महसूस की जा सकती है।
पिछले सत्र में भाजपा के जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा रहे, जिन्होंने जब असंध विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा तो कार्यवाह जिलाध्यक्ष का कार्यभार कोषाध्यक्ष एवं मेयर के पति ब्रज गुप्ता को सौंपा गया। इस दौरान लोकसभा के चुनाव हुए, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल सांसद बने। इसके बाद जिले की सभी पांचों सीटों पर विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी जनसभाएं हुई। पार्टी ने कई अभियान चलाए। जिले की सभी सीटों पर भाजपा बंपर जीत मिली। इसमें भाजपा की जिला टीम के कार्य को कम नहीं आंका जा सकता। पुरानी टीम में मौजूदा जिलाध्यक्ष प्रवीण लाठर भी उपाध्यक्ष कार्य कर रहे थे। चुनाव में बंपर जीत और पार्टी के सभी अभियानों में शानदार सफलता के कारण ये माना जा रहा था कि जिलाध्यक्ष प्रवीण लाठर की नई टीम में पुरानी टीम के जुझारू पदाधिकारियों को जगह मिल सकती है लेकिन बुधवार को जब नई जिला टीम की घोषणा हुई तो इसमें अधिकतर नए चेहरों को तरजीह दी गई।
पुरानी टीम में उपाध्यक्ष रहे संजय राणा को ही नई टीम में दोबारा जिला उपाध्यक्ष बनाया गया है। वहीं विकास कथूरिया, जो पुरानी टीम में आईटी सेल के प्रमुख थे, उन्हें सचिव बनाकर नई टीम में जगह दी गई है। इसके अलावा मीडिया प्रमुख डॉ अशोक कुमार, सोशल मीडिया प्रमुख बब्बू मंजूरा, भी नई टीम में अपना पद बरकरार रखने में सफल रहे हैं। इसके अलावा पुरानी टीम में उपाध्यक्ष के पद पर कार्य कर चुके राजवीर शर्मा, मुकेश अरोड़ा, रजनी प्रोचा को जगह नहीं मिली है।
इसके अलावा पुरानी टीम में सचिव पद पर कार्य करने वाले किसी भी पदाधिकारी को नई टीम में जगह नहीं मिली है, पुरानी टीम में पंकज कंबोज, गुरुबख्श लाडी, मंजू खैंची, गौरव व जिला परिषद अध्यक्ष के पति सोहन सिंह राणा शामिल थे। पार्टी में सबसे अहम जिम्मेदारी संभालने वाले कोषाध्यक्ष ब्रज गुप्ता, जिन्होंने चुनाव के दौरान कार्यवाहक जिलाध्यक्ष रहकर पार्टी की कमान संभाली और सभी सीटों पर विजय पताका फहराने में अगम योगदान दिया, उन्हें भी नई टीम में जगह नहीं मिली।
यही स्थिति महासचिव सुनील गोयल व जय भगवान की भी रही, उन्हें भी नई टीम में जिम्मेदारी नहीं मिली है। हालांकि पुराने पदाधिकारियों को इसका कोई गिला तो नहीं है, न ही किसी ने कोई शिकायत की है लेकिन कहीं न कहीं मुख्य टीम में शामिल न किए जाने की टीम को तो छिपाया नहीं जा सकता। पिछली टीम में कुल 24 पदाधिकारी थे, नई टीम 22 पदाधिकारियों की है।