संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। षटतिला एकादशी के साथ बुधवार को मकर संक्रांति का पर्व मनाया गया। मंदिरों और गुरुद्वारों में विशेष आयोजन हुए। श्रद्धालुओं ने सभी की समृद्धि की कामना की। मंदिरों में एकादशी होने के कारण भक्तों ने भगवान को तिल के लड्डूओं का भोग लगाया। वीरवार को भी संक्रांति पर्व मनाते हुए श्रद्धालु खिचड़ी का भोग लगाएंगे।
मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। भक्तों ने भगवान विष्णु की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। षटतिला एकादशी होने के कारण श्रद्धालुओं ने व्रत रख भगवान को परंपरा के अनुसार चावल की खिचड़ी का भोग न लगाकर साबुदाना, पोहा, तिल के लड्डू और फलाहार का भोग लगाया गया। मंदिरों में विधिवत पूजा, आरती और कथा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।
मकर संक्रांति के अवसर पर श्रद्धालुओं ने सूर्यदेव की आराधना भी की गई। श्रद्धालुओं ने तिल, गुड़ का दान किया। पंडित विनोद शास्त्री के अनुसार षटतिला एकादशी पर तिल का दान और भगवान विष्णु की उपासना करने से समस्त पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का यह शुभ संयोग अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दिन व्रत, पूजा और दान करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। श्रद्धालुओं ने पूरे दिन व्रत रखकर नियमों का पालन किया और भगवान विष्णु की आराधना की।