जिला नागरिक अस्पताल के ओपीडी कक्ष के बाहर हड़ताल पर बैठी स्टाफ नर्स। अमर उजाला
करनाल। जिला नागरिक अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ ने अपनी विभिन्न मांगों के लिए सोमवार को दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल की। सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक नर्सिंग स्टाफ ओपीडी के बाहर धरना दिया।
नर्सों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी, लंबित भत्तों और पदनाम से जुड़ी समस्याओं को लेकर रोष जताया।
धरने पर मौजूद स्टाफ नर्स सुखविंदर कौर, आरती, रानी ने कहा कि नई मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी नर्सिंग कर्मचारियों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी तीन शिफ्टों में होती है। ऐसे में 40 से 50 किलोमीटर दूर या नूंह-मेवात जैसे क्षेत्रों में तबादला होने पर कर्मचारियों को परिवार और बच्चों की देखभाल के साथ-साथ रात की ड्यूटी करने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने मांग की कि पोर्टल पर सभी रिक्त पदों को पारदर्शी तरीके से प्रदर्शित किया जाए। नर्सिंग स्टाफ ने यूनिफॉर्म वॉशिंग अलाउंस को लेकर भी सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाया। कर्मचारियों के अनुसार करीब डेढ़ साल से उन्हें यह भत्ता नहीं मिल रहा है।
उन्होंने पदनाम में किए गए बदलाव को लेकर भी नाराजगी जताई। कर्मचारियों के अनुसार कागजों में स्टाफ नर्स का पदनाम बदलकर नर्सिंग ऑफिसर और सीनियर नर्सिंग ऑफिसर किया जा चुका है।