करनाल। उर्दू और संस्कृत को गहनता से जानने व उसी में अपना भविष्य बनाने वालों को अब हिंदी या अंग्रेजी से बाहर जाने की जरूरत नहीं है। वे इन्हें इसी भाषा में समझ व पढ़ सकते हैं। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने पहल करते हुए विद्यार्थियों को यह अवसर दिया है। इग्नू की ओर से दो नए कोर्स बीए एप्लाइड (उर्दू और संस्कृत) शुरू किए हैं। जिसमें बीए एप्लाइड उर्दू को उर्दू के अलावा अंग्रेजी व हिंदी माध्यम और संस्कृत को हिंदी माध्यम में पढ़ने का विकल्प दिया गया है।
दोनों कोर्स को इग्नू इसी सत्र से शुरू करने जा रहा है। जिसके तहत पहले बैच के लिए अभ्यर्थी 10 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन करते हुए दाखिला ले सकते हैं। दोनों ही यूजी कोर्स करने के लिए अभ्यर्थी का 12वीं पास होना जरूरी है। कोर्स को न्यूनतम तीन व अधिकतम छह वर्ष की अवधि में पूरा किया जा सकता है। खास बात यह है कि मुक्त विश्वविद्यालय होने के कारण अभ्यर्थी इन विषयों में स्नातक की उपाधि भी घर बैठकर पढ़ाई करते हुए प्राप्त कर सकते हैं। उर्दू में गांधी और समकालीन दुनिया विषय भी पढ़ाया जाएगा। करनाल स्थित इग्नू के क्षेत्रीय कार्यालय के अधीन 18 जिले आते हैं, यहां के युवा इन कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। ब्यूरो
ई-कॉमर्स और उद्यमिता भी दोनों के विषय
बीए एप्लाइड संस्कृत और उर्दू में तीन वर्ष के कोर्स में कुल 22-22 विषय दिए गए हैं। इनमें ई-कॉमर्स और उद्यमिता भी शामिल है। ताकि अभ्यर्थी इन्हें पढ़ने के बाद इस क्षेत्र में भविष्य भी बना सकें। दोनों कोर्स का नई शिक्षा नीति के तहत 120 क्रेडिट स्कोर निर्धारित किया गया है। तीन वर्ष के पूरे पाठ्यक्रम की 13500 रुपये फीस रखी गई है। जबकि इंटर्नशिप आदि करने के लिए अलग से फीस का भुगतान करना होगा।
ये हैं दोनों नए कोर्स
- बीए एप्लाइड संस्कृत (बीएएएसके) : पाठ्यक्रम का माध्यम हिंदी है। सालाना 4500 रुपये फीस है। प्रथम वर्ष में रेडियो लेखन, भारतीय दर्शन, संस्कृत परंपरा, द्वितीय वर्ष में ई-कॉमर्स, समाचार व फीचर लेखन और तृतीय वर्ष में धर्म दर्शन व उद्यमिता जैसे विषय भी पढ़ाए जाएंगे।
- बीए एप्लाइड उर्दू (बीएएयूडी) : पाठ्यक्रम का माध्यम उर्दू, हिंदी और इंग्लिश है। सालाना 4500 रुपये फीस है। प्रथम वर्ष में मास मीडिया इन उर्दू, गांधी और समकालीन दुनिया, उर्दू क्लासिकल गजल, फिक्शन व नजाम आदि विषय भी पढ़ाए जाएंगे।
प्रदेश के युवा घर बैठे एप्लाइड संस्कृत और उर्दू जैसे कोर्स कर सकते हैं, इसके लिए उन्हें दूसरे प्रदेशों या विश्वविद्यालय जाकर पढ़ने की जरूरत नहीं है। दोनों कोर्स में हिंदी या अंग्रेजी माध्यम का विकल्प भी दिया गया है। इग्नू ने नए कोर्स शुरू किए हैं। इग्नू के कुल 269 कोर्स चल रहे हैं। जिनमें दाखिला लेने की अंतिम तिथि 10 मार्च है।
- डॉ. धर्मपाल, क्षेत्रीय निदेशक, इग्नू