फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: अब एमआईएस पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा ड्रॉपआउट छात्र का रिकॉर्ड

विज्ञापन
विज्ञापन
करनाल। जिले में स्कूल छोड़ चुके विद्यार्थियों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग ने नई पहल शुरू की है। अब सरकारी और निजी सभी विद्यालयों को ड्रॉपआउट विद्यार्थियों का पूरा रिकॉर्ड एमआईएस पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसके लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से जिला शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से संबंधित अधिकारियों और स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
विज्ञापन


नई व्यवस्था के तहत यदि कोई विद्यार्थी स्कूल छोड़ता है तो उसकी पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करनी होगी। इसमें छात्र की ओर से पढ़ाई छोड़ने का कारण, वर्तमान स्थिति, किसी अन्य विद्यालय में दाखिला लेने की जानकारी और उसके आगे की शैक्षणिक स्थिति को अपडेट करना आवश्यक रहेगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी विभिन्न कारणों से स्कूल छोड़ देते हैं जिनमें से कई दूसरे विद्यालयों में भी दाखिला नहीं लेते। ऐसे में उनका रिकॉर्ड ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है।

यू-डाइस के अंतर्गत एसआरएन नंबर से जुड़ेगी विद्यार्थी की जानकारी
अब यू-डाइस के अंतर्गत स्टूडेंट डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम के जरिये विद्यार्थियों की जानकारी एसआरएन नंबर से जोड़ी जाएगी। इससे छात्र की शैक्षणिक प्रगति और वर्तमान स्थिति पर आसानी से नजर रखी जा सकेगी। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि अगली कक्षा में पहुंचे विद्यार्थियों के अंक और वर्तमान स्थिति भी पोर्टल पर अपडेट की जाए। शिक्षा विभाग के अनुसार आर्थिक, सामाजिक और पारिवारिक कारणों से कई विद्यार्थी पढ़ाई बीच में छोड़ देते हैं। ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध होने से ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा विद्यालयों से जोड़ने में मदद मिलेगी। विभाग का उद्देश्य जिले में ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की संख्या को न्यूनतम स्तर तक लाना है ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
विज्ञापन




एमआईएस पोर्टल पर यह जानकारी करनी होगी अपलोड

- विद्यार्थी का नाम और एसआरएन नंबर

- स्कूल छोड़ने का कारण

- वर्तमान स्थिति और लोकेशन

- दूसरे विद्यालय में दाखिले की जानकारी

- अगली कक्षा में पहुंचे विद्यार्थियों के अंक

- यू-डाइस पोर्टल पर नियमित अपडेट अनिवार्य



वर्जन-

विभाग का उद्देश्य जिले में ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की संख्या को शून्य करना है। विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़कर ही उन्हें बेहतर भविष्य का अवसर दिया जा सकता है। इसलिए सभी विद्यालयों को तय समय पर बच्चों का डाटा पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन


- रोहताश वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें