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Karnal News: अब पैर से गर्दन तक की नसों से होने वाली दिक्कतों से बचाएगा जूते का इनसोल

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- तलवे के आकार, शरीर के भार, कद और खड़े होने के तरीके के आधार पर इटेलियन मशीन तैयार करेगी इनसोल
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- एक साल के शोध के बाद पहली बार भारतीय जूतों में ऐसे इनसोल लाने की तैयारी, छह राज्यों में लगेंगी इनसोल मशीनें

- खड़े होने, व्यायाम करने, दौड़ लगाने में मददगार इनसोल तैयार



गगन तलवार

करनाल। गलत तरीके से खड़े होने के कारण पैर से लेकर गर्दन तक की नस संबंधित दिक्कतों से अब जूते का इनसोल बचाएगा। जूते का ऐसा इनसोल पहली बार भारतीय बाजार में सितंबर माह तक आने वाला है। जिसे इटेलियन मशीन फुटवर्क लैब से तैयार किया जाएगा। खास बात यह है कि पैर के तलवे का आकार, शरीर के भार, कद और उसके खड़े होने की स्टाइल के आधार पर यह इनसोल तैयार होगा।

करीब एक साल के शोध के बाद देश में पहली बार जूतों में ऐसे इनसोल लगाने की तैयारी की गई है। करनाल लिबर्टी की ओर से हुए इस शोध में व्यक्ति के इनसोल इस्तेमाल के दौरान उसके शरीर में क्या बदलाव आए और उसे किन दिक्कतों से निजात मिली, इसे आंका गया। शूज विशेषज्ञों की सफल रिपोर्ट के बाद ऐसे इनसोल जूतों में इस्तेमाल करने का निर्णय लिया गया है। अब इनसोल को तैयार करने वाली इटली की मशीनें हरियाणा के गुरुग्राम सहित छह राज्य उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब और दिल्ली में लगाने की तैयारी है। इसके बाद यहां जांच उपरांत लोग मौके पर ही इनसोल तैयार करवा सकेंगे।
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शूज एक्सपर्ट एवं संस्थान के सीईओ रमन बंसल के अनुसार, इसकी पहली मशीन उन्होंने मंगवा ली है। शोध के दौरान इनसोल के अभी चार वैरिएंट ही तैयार किए जा सके हैं। इनमें लंबे समय तक खड़े होकर काम करने वाले, दौड़ व व्यायाम करने वाले और कैजूअल रूटीन में पहने जाने वाले जूतों के इनसोल शामिल हैं। भविष्य में शूज विशेषज्ञों की ओर से खिलाड़ियों को खेल के दौरान चोट न लगे, इसे लेकर स्पोर्ट्स शूज में ऐसे इनसोल लगाने पर शोध किया जाएगा। इसमें क्रिकेट, फुटबॉल, बास्केटबाॅल, बैडमिंटन आदि आठ खेलों को लिया गया है।



बॉडी स्कैन के बाद 15 मिनट में तैयार होगा इनसोल

इटली की फुटवर्क लैब मशीन में करीब 15 मिनट में एक जोड़ी इनसोल तैयार होता है। इसमें पहले आठ मिनट में मशीन व्यक्ति के शरीर की जांच करती है। इसके लिए 360 डिग्री पर मशीन व्यक्ति को स्कैन करती है। उसके खड़े होने के पोश्चर, फुट डाटा, लॉवर लिंब फोर्स लाइन आदि बिंदुओं पर विश्लेषण करती है। इस दौरान व्यक्ति के झुकने, चलने और उठने-बैठने के समय पैर के किस हिस्से पर ज्यादा दबाव रहता है, इसकी जांच रिपोर्ट के आधार पर इनसोल तैयार होता है। जिसके लगाने के बाद पैर मोड़ने, चलने और बैठने पर शरीर का वजन पैर के प्रत्येक हिस्से पर समान रहता है। इससे उसकी सिकुड़ी व दबी नसें भी सामान्य स्थिति में आने लगती हैं।
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पैर की नस से कमर, गर्दन और सिर में आती है दिक्कत

नागरिक अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ गुप्ता के अनुसार, खड़े होने का गलत तरीका व जूते के खराब इनसोल के कारण शरीर में कई तरह की दिक्कतें आती हैं। पैर में एड़ी या अंगुली की नस पर पड़ने वाले ज्यादा या कम दबाव के कारण कमर, गर्दन और सिर संबंधित बीमारी भी हो जाती है। उन्होंने बताया कि इनसोल के कारण प्लांटर फिश एड़ी, फ्लैट फुट, हैलक्स वल्गस व एड़ी में सूजन भी आता है।
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