करनाल। दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन-2025-31 का शुभारंभ हो चुका है, जिसमें करनाल सहित देश के विभिन्न शोध संस्थानों की जिम्मेदारी भी तय की गई है, ताकि वर्ष 2030-31 तक देश में दलहन की पैदावार को बढ़ाकर देश को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। इसमें बड़ा लक्ष्य दालों की उत्पादकता को 900 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर से बढ़ाकर 1150 किलो प्रति हेक्टेयर करने की है, जिसमें नई किस्मों के साथ साथ नई तकनीकों को विकसित किया जाएगा।
पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन-2025-31 को लॉन्च किया है। इसी बारे में भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (आईआईडब्ल्यूबीआर) में भी एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें निदेशक डॉ. रतन तिवारी ने वैज्ञानिकों को उनकी जिम्मेदारियों को बताया। इसी शृंखला में भारतीय दलहन अनुसंधान केंद्र (आईआईपीआर) कानपुर के निदेशक डॉ. जीपी दीक्षित ने बताया कि दुग्ध सहित कई खाद्य वस्तुएं हैं, जो देश में पर्याप्त हैं। कई को हम निर्यात भी करते हैं लेकिन दालों के मामले में हमारा देश अभी भी आत्मनिर्भर नहीं है। अभी तक भारत के विभिन्न राज्यों में कुल 250 लाख टन दालें पैदा होती हैं और हर साल 40 से 50 लाख टन दालें हमें विदेशों से आयात करनी पड़ती है, क्योंकि भारत की दाल आवश्यकता लगभग 290 से 300 लाख टन है।
डॉ. दीक्षित ने बताया कि प्रधानमंत्री की ओर से लॉन्च किए गए भारतीय दलहन अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत को दालों की पैदावार में आत्मनिर्भर बनाना है। इसमें 2030-31 तक देश में करीब 350 लाख टन दालों की पैदावार करके देश को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभी तक देश में दालों का रकबा करीब 275 लाख हेक्टेयर है, जिसे बढ़ाकर करीब 310 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए हमें दालों की उत्पादकता बढ़ानी होगी, यानी मौजूदा उत्पादकता 900 किलो प्रति हेक्टेयर है, जिसे कम से कम 1150 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तक ले जाना होगा, तभी हम निर्धारित समय के भीतर लक्ष्य को हासिल कर पाएंगे।
उन्होंने बताया कि ये किसी एक विभाग के करने से नहीं होगा, इसमें किसानों को दालों की पैदावार बढ़ाने के लिए प्रेरित करना होगा, इसके लिए हमें उन्हें बेहतर पैदावार वाली नई किस्में और नवीनतम तकनीकियां देनी होगी, जिन्हें देश के अनुसंधान केंद्रों, कृषि विश्वविद्यालयों को विकसित करना है। कृषि विभाग को सीधे किसानों तक पहुंचकर उन्हें प्रेरित करना होगा।
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दालों को भी एमएसपी पर खरीदेगी सरकार
- भारतीय दलहन अनुसंधान केंद्र कानपुर के निदेशक डॉ. जीपी दीक्षित ने बताया कि धान, गेहूं जैसी कई फसलों को सरकार एमएसपी पर खरीद रही है। अब सरकार अरहर, मसूर और उड़द की फसल को भी एमएसपी पर खरीदने की तैयारी में है। शीघ्र ही इसका एलान किया जा सकता है।