माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शिक्षा विभाग को उस समय स्कूलों पर कार्रवाई याद आई जब रिजल्ट से लेकर एडमिशन तक की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। इन दिनों स्कूलों में विद्यार्थी कक्षाएं लगा रहे हैं। अब विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं कि रिजल्ट रोकने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इधर, अभिभावकों का कहना है कि जब जरूरत थी तब किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। अब विभाग की ये कार्रवाई रस्म अदायगी भर है।
अभिभावक लक्ष्य, गौरव और विवेक का कहना है कि फीस रुकने पर उनके बच्चों के रिजल्ट तक रोके गए। उनकी ओर से स्कूलों से अपील भी की गई, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में जाकर भी कई बार शिकायत दर्ज कराई। अब इस कार्रवाई का उन्हें कोई लाभ नहीं मिलने वाला। इस समय एडमिशन लगभग हो चुके हैं। अभिभावकों का कहना है कि मजबूरी में स्कूलों की चयनित दुकानों से किताबें ली। इसकी शिकायत भी विभाग में दी थी। कार्रवाई के नाम पर केवल नोटिस जारी किए हुए थे। सख्त कार्रवाई की गई होती तो अभिभावकों को महंगी किताबें न लेनी पड़ती। स्कूलों का नया सत्र पहली अप्रैल से शुरू हुआ था। कक्षाएं शुरू हुए भी 28 दिन बीत चुके हैं।
शुल्क न देने पर रोके गए थे परिणाम
अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने अब कार्रवाई के लिए पत्र जारी किया है। भिभावकों ने किसी तरह अपने स्तर पर रिजल्ट जारी कराए। फीस कम करने को लेकर भी पत्र लिखे, हालांकि फीस कम नहीं हुई, लेकिन उन्हें स्कूल ने कुछ राहत दी है। शहर के कई प्रमुख स्कूलों की ओर से विकास और वार्षिक शुल्क जमा कराने के मैसेज अभिभावकों के मोबाइल पर भेजे गए। शुल्क न देने पर रिजल्ट तक रोके गए।
निदेशालय के आदेशों पर अमल किया जाएगा। कोई शिकायत इस तरह की अभी भी आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। -राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी