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अब शहर के सभी वार्डों में शुरू होगा डोर-टू डोर कचरा कलेक्शन

Fri, 30 Dec 2016 12:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
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अब शहर के सभी वार्डों में शुरू होगा डोर-टू डोर कचरा कलेक्शन - फोटो : Amar Ujala
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 नये साल की शुरुआत से पहले ही शहरवासियों के लिए खुशखबरी है। अब नगर निगम के सभी 20 वार्डों में कचरे की डोर-टू-डोर कलेक्शन होगी। पांच वार्डों में यह योजना सफल चलने के बाद निगम ने यह फैसला लिया है। जिन वार्डों में कचरा उठाने वाले छोटे टिप्पर वाहन नहीं हैं, वहां नए वाहन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। करोड़ों रुपये के इस प्रोजेक्ट को जनवरी माह से शुरू किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट में नगर निगम के 550 सफाई कर्मचारी व 30 कचरा ढोने के वाहन शामिल होंगे।
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यह फैसला नगर निगम अधिकारियों की गुरुवार को हुई बैठक में लिया गया। बैठक में शहर में स्वच्छता और स्मार्ट सिटी में शामिल कराने को लेकर भी मंथन किया गया। बैठक में कई कड़े फैसले भी लिये गए। बता दें कि पिछले एक साल से निगम के पांच वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन किया जा रहा है। पायलेट प्रोजेक्ट के सफल होने के बाद अधिकारियों ने इसे पूरे शहर में लागू करने का निर्णय लिया है।

फिलहाल निगम के पांच वार्डों के सभी घरों में निगम की गाड़ी जाती है और तरल और ठोस कचरा लेने जाती है। इसके लिए सभी वार्डों में अलग-अलग समय तय किया हुआ है। बैठक में नगर निगम के अधीक्षण अभियंता डीआर भास्कर, ईओ धीरज कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक महावीर सिंह, सफाई निरीक्षक सुरेंद्र चोपड़ा तथा सहायक महावीर मलिक भी उपस्थित थे।
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गाड़ी पर होगा साउंड सिस्टम
इस व्यवस्था में गली-गली टिप्पर गाड़ियां घूमेंगी, जो घरों से एकत्र कूड़े को उठाएंगी। जैसे ही टिप्पर गाड़ी गली में प्रवेश करेगी, उसमें लगे साउंड सिस्टम की रिकार्डिंग लोगों को आने की सूचना देने के साथ-साथ कूड़ा डालने के लिए भी बताएगी। इसी वाहन में जीपीएस सिस्टम भी लगेगा, ताकि निगम के अधिकारी गाड़ी की लोकेशन ले सकें। निगम के पास ऐसे 30 वाहन हैं, जो शहर से कचरा उठाते हैं।

इसलिये लिया फैसला
दरअसल, जनवरी में स्वच्छता को लेकर देशभर के शहरों में स्वच्छता को लेकर सर्वे होना है। इसमें अव्वल आने को लेकर निगम ने यह प्रयास किया है। इसके अलावा, वर्ष 2017 मार्च तक निगम तीसरी बार स्मार्ट सिटी प्रतियोगिता में हिस्सा लेगा। इसके लिए भी यह अहम कदम होगा। एक तरह से करनाल को स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल कराने को लेकर नगर निगम काम कर रहा है।

अब सभी कर्मिशयल क्षेत्रों में होगी नाइट स्वीपिंग कर्मिशयल
बैठक में नाइट स्वीपिंग को लेकर भी फैसला लिया गया। रात्री में की जाने वाली सफाई यानि नाइट स्वीपिंग के बेहतर परिणामों को देखते हुए इसे भी नए साल में भी जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत अब शहर के सभी कर्मिशयल क्षेत्रों में भी सफाई की जाएगी। इनमें शहर के सभी बाजार, कुंजपुरा रोड, रामनगर, बस स्टैंड, कमेटी चौक, सब्जी मंडी चौक, अस्पताल चौक, रेलवे रोड, मुगल कैनाल चौक, आईटीआई चौक से सेक्टर-9 चौक तक, महाराणा प्रताप चौक, जुंडला गेट, खादी आश्रम, सेक्टर-6 मेन मार्केट, सेक्टर-7, सेक्टर-8 व सेक्टर-13 की मेन मार्केट को इसमें शामिल किया गया है। इस कार्य के लिए सफाई कर्मियों की संख्या में बढ़ोतरी की गई है। फिलहाल 50 कर्मचारी इसमें काम कर रहे थे।

पहले मांगेंगे सहयोग, नहीं तो रात को ही होंगे चालान
स्वच्छता प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने के लिए निगम ने रणनीति भी तैयार की है। पहले निगम नाटक मंडली के जरिये लोगों कोे सफाई के प्रति जागरूक करेगा और इस दौरान मार्केट एसो. से सहयोग भी मांगेगा। अगर इसके परिणाम अच्छे नहीं आये तो निगम धड़ाधड़ा चालान काटेगा, जो लोग अपने घर या फिर दुकान के आगे गंदगी फैलाएंगे।

चालान कम से कम पांच हजार रुपये का होगा। निगम की योजना के अनुसार, रात को सफाई से पहले और बाद में पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। साथ ही एक गाड़ी पर सीसीटीवी कैमरा लगाया जाएगा, जो दिन और रात को बाजारों में चक्कर लगाएगी, इस कैमरे में वे दुकानदार कैद होंगे, जो अपनी दुकान या फिर रेहड़ी के बाद गंदगी फैला रहे हैं। निगम रात को ही उस दुकान के नाम पर चालान काटेगा और उसकी दुकान के पते पर भेजेगा।

रात को होगी विशेष चेकिंग
रात में की गई सफाई को सुबह के समय तक बनाए रखने के लिए निगम ने अलग अलग अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। रत के समय की जाने वाली सफाई की चेकिंग भी निगम अधिकारियों द्वारा बराबर की जाएगी। समूचे नगर निगम क्षेत्र को खुले में शौच से मुक्त रखने के लिए पोर्टेबल मोबाइल टॉयलटों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। विषेश कर स्लम एरिया में रह रहे लोगों को जागरूक किया जाएगा, कि वे खुले में शोच के लिए न जाकर इनका प्रयोग करें।

सफाई कर्मी लगाएंगे बायोमेट्रिक हाजिरी
इससे पूर्व, सरकार के निर्देशानुसार आयुक्त ने नगर निगम परिसर में सफाई दारोगाओं को 18 बायोमेट्रिक मशीनें वितरित की। इस मशीन पर सभी दरोगा अपने-अपने क्षेत्र में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की सुबह-शाम हाजिरी लगवाना सुनिश्चित करेंगे। बायोमेट्रिक मशीन देने से पहले आयुक्त ने दारोगाओं को आधार लिकंड मशीन पर अंगूठे से हाजिरी लगाने के सरल तरीके बारे भी बताया।

उन्होंने दारोगाओं को कहा कि इन मशीनों पर सफाई कर्मियों की हाजिरी प्रतिदिन सुनिश्चित होनी चाहिए। इसकी सूचना प्रतिदिन मुख्यालय पर भी जाएगी। आयुक्त ने कहा कि जो दरोगा प्रतिदिन हाजरी लगवाने तथा अपने एरिया को साफ-सुथरा बनाने की सूचना निगम को देगा, उसे निगम की ओर से ईनाम दिया जाएगा।

प्लांट पड़ा है बंद, कैसे होगा निस्तारण
निगम ने शहर को स्वच्छ बनाने के लिए खाका तो तैयार कर लिया है, इसके लिए कूड़ा उठाने तक भी पूरी तैयारी कर ली है। लेकिन शहर से निकलने वाले सारे कचरे को गांव शेखपुरा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट में डाला जाता है। लेकन पिछले दो माह से प्लांट बंद पड़ा है। प्लांट चलाने वाली कंपनी द्वारा बिल नहीं भरे नहीं भरे जाने उसका कनेक्शन कटा हुआ है।

ऐसे में निगम की तमाम तैयारियों को प्लांट पलीता लगा सकता है, क्योंकि यहां पर खुले में डाले जा रहे कूड़े से आसपास के ग्रामीण काफी परेशान हैं। बता दें कि शहर से रोजाना 110 टन कचरा निकलता है। इस बारे में निगम के कार्यकारी अभियंता धीरज कुमार का कहना है कि इस बारे में प्लांट चलाने वाली कंपनी से बात हुई है। उम्मीद है कि जनवरी माह में इसे चला लिया जाएगा। 
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