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Karnal News: अब ड्यूल डेस्क पर बैठकर जेईई और नीट की तैयारी करेंगे विद्यार्थी

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- प्रदेश के 103 बुनियाद केंद्रों को मिलेंगे ड्यूल डेस्क, 1.80 करोड़ रुपये का बजट जारी
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- एसएमसी करेगी खरीद, प्रत्येक केंद्र को मिलेंगे 25 ड्यूल डेस्क, टूटे-पुराने बैंचों से मिलेगी निजात

माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को निशुल्क जेईई और नीट की तैयारी कराने के लिए चल रहे बुनियाद केंद्रों में अब सुविधाएं बढ़ेंगी। यहां आने वाले विद्यार्थी अब ड्यूल डेस्क पर बैठकर पढ़ाई करेंगे। उन्हें टाट-पट्टी या पुराने टूटे बैंचों से निजात मिलेगी। प्रदेश में चल रहे इन केंद्रों के अपने कमरे बनाने के साथ ही सरकार की ओर यहां ड्यूल डेस्क देने की योजना बनाई गई है।

प्रदेश के विभिन्न खंडों में चल रहे 103 बुनियाद केंद्रों के ड्यूल डेस्क खरीदने के लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद को 1.80 करोड़ 25 हजार रुपये का बजट जारी किया गया है। प्रत्येक केंद्र को अधिकतम 25 ड्यूल डेस्क ही दिए जाएंगे, इसके लिए बजट से 1.75 लाख रुपये की राशि मिलेगी। इससे वे एसएमसी यानी स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के माध्यम से ड्यूल डेस्क खरीद सकते हैं। समग्र शिक्षा के एपीसी सुनील कौशिक के अनुसार, डेस्क कैसे होंगे, उनके खरीदने की प्रक्रिया कैसी रहेगी, इसे लेकर भी परिषद की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है।
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विदित हो कि बुनियाद केंद्र विभिन्न खंडों के सरकारी स्कूलों में चल रहे हैं। ऐसे में इनके लिए अलग से कमरे दिए गए हैं। जहां स्कूल के संसाधनों का ही इस्तेमाल होता है। ऐसे में अभी स्कूल के बैंच ही केंद्र के कमरों में रखे थे, जिन पर बैठकर बच्चे पढ़ाई करते थे। कई जगह संसाधन कम होने के कारण टूटे बैंच को रिपेयर करके ही काम चलाया जा रहा था। अब यहां नए ड्यूल डेस्क मिलने के बाद विद्यार्थियों को बैठने की सुविधा भी मिलेगी। ब्यूरो

51 से बढ़ाकर 103 हुए बुनियाद केंद्र
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के भविष्य की नींव मजबूत करने के लिए शिक्षा विभाग ने ‘बुनियाद’ कार्यक्रम शुरू किया है। जिसमें विद्यार्थियों को नियमित पाठ्यक्रम के अतिरिक्त आईआईटी, मेडिकल, एनटीएसई और कई तरह की छात्रवृत्ति के लिए होने वाली परीक्षाओं की निशुल्क कोचिंग दी जाती है। इसके लिए प्रदेश भर में 4500 विद्यार्थियों का ही चयन किया जाता है। जिला विज्ञान विशेषज्ञ दीपक वर्मा के अनुसार, अब तक 51 केंद्रों में बच्चों को पढ़ाई कराई जाती थी, लेकिन इस साल से केंद्रों की संख्या भी बढ़ाकर 103 की गई है। ऐसे में सरकार की ओर से यहां की सुविधाओं पर भी खासा ध्यान दिया जा रहा है।

ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम पर कोचिंग
बुनियाद कार्यक्रम के तहत शिक्षा विभाग की ओर से नौवीं कक्षा से ही बच्चों को जेईई व नीट की परीक्षा के लिए तैयार किया जाता है। जिसके लिए नौवीं व 10वीं कक्षा में ही उन्हें नीट व जेईई की बेसिक कोचिंग दी जाती है। ऑनलाइन माध्यम से भी कोचिंग दी जाती है। ऑनलाइन कोचिंग के लिए विभाग द्वारा बच्चों को टैबलेट दिए जाते हैं, जिनके जरिए बच्चे कोचिंग लेते हैं। वहीं, ऑफलाइन कोचिंग के लिए केंद्रों में विभाग द्वारा ही टीवी सैट की व्यवस्था की जाती है।
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एसएमसी के माध्यम से प्रत्येक बुनियाद केंद्र में ड्यूल डेस्क खरीदे जाएंगे। इसके लिए सैंपल भी लिया जाएगा। सैंपल के अनुसार ही डेस्क मिले हैं, इसकी जांच के लिए जिला स्तर पर कमेटी बनेगी। जिसके चेयरमैन जिला शिक्षा अधिकारी होंगे। 103 बुनियाद केंद्रों के लिए कुल 2575 ड्यूल डेस्क खरीदे जाएंगे।
- वंदना परुथी, डीपीसी, समग्र शिक्षा
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