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Karnal News: डेंगू का बढ़ा खतरा, विशेष वार्ड तैयार

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- जांच के लिए रेट तय, प्राइवेट लैब में डेंगू के 600 व चिकनगुनिया के देने होंगे एक हजार रुपये
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- एक सप्ताह में डेंगू के आ चुके पांच केस

संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बारिश के बाद डेंगू का खतरा बढ़ने लगा है। जिले में अब तक 13 मरीज मिल चुके हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल के आईपीडी ब्लॉक के तृतीय तल पर डेंगू वार्ड बनाकर उसमें छह बेड रिजर्व कर लिए हैं। जहां पर डेंगू के गंभीर मरीजों को दाखिल कर इलाज किया जा सकेगा।
सिविल सर्जन डॉ. विनोद कमल ने बताया कि मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया की निशुल्क जांच व इलाज जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है। इसके अलावा सरकार की ओर से प्राइवेट लैब में डेंगू की जांच के लिए 600 रुपये व चिकनगुनिया की जांच के लिए एक हजार रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं, अगर प्राइवेट लैब के इंचार्ज निर्धारित रेट से ज्यादा चार्ज लेते पाए गए तो उनके खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त अनीश यादव ने कहा कि बारिश के दिनों में मच्छर जनित बीमारियां पनपने की संभावना सबसे अधिक होती है। ऐसे में नागरिक डेंगू जैसी बीमारी से बचाव के लिए सावधानी बरतें। पिछले पांच साल में मलेरिया के 106 केस, चिकनगुनिया के दो केस और डेंगू के 867 केस सामने आए हैं। वहीं, डेंगू के पिछले दो सालों में चार मौतें भी हो चुकी हैं।
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21 घरों में मिला लारवा
उप-सिविल सर्जन डॉ. अनु शर्मा ने बताया कि सोमवार को जांच टीमों ने 1522 घरों को चेक किया। जिनमें से 21 घरों में मच्छर का लारवा मिला है। इनमें से नौ मकान मालिकों को नोटिस दिया है। अब तक टीमों ने एक लाख 30 हजार 971 घरों को कवर किया है। जिनमें 1129 घरों में लारवा मिला है और 725 मकान मालिकों को नोटिस दिया गया है।
डेंगू के लक्षण

अचानक तेज बुखार, छाती व ऊपर के हिस्सों में दानों का निकलना, सिर के आगे वाले व आंखों के पिछले हिस्से में दर्द, शरीर के जोड़ों में दर्द, भूख न लगना, जी मितलाना व उल्टी आना।
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मलेरिया के लक्ष्ण

ठंड लगना, बुखार आना, शरीर में दर्द, सिरदर्द व उल्टी।
चिकनगुनिया के लक्षण

अचानक तेज बुखार आना, सिरदर्द, नींद, बेहोशी की अवस्था व उल्टी, रोगी की गर्दन में अकड़न व दौरे पड़ना।



ऐसे करें रोकथाम
उप-सिविल सर्जन डॉ. अनु शर्मा ने बताया कि अपने आसपास पानी जमा न होने दें। प्रत्येक रविवार को ड्राई डे मनाएं और कूलर फूलदान, पशु व पक्षियों के बर्तनों, होदी को सुखाकर ही पानी भरें, पानी के भरे हुए तालाब व गड्ढों को मिट्टी से भर दें, मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें या मच्छरनाशक क्रीम का प्रयोग करें, घर के दरवाजे व खिड़कियों पर उपयुक्त जाली इस्तेमाल करें।
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