माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नगर निगम की 50 एकड़ कृषि योग्य भूमि को वन विभाग को बागवानी के लिए देने का विवाद अभी खत्म नहीं हो पाया है, वहीं पिछले दिनों ऑक्सीवन के लिए दी गई 45 एकड़ जमीन पर भी रार शुरू होती नजर आ रही है। नगर निगम की महापौर ने एलान किया है कि पिछले दिनों नगर निगम की जो 45 एकड़ भूमि ऑक्सीवन के लिए वन विभाग को दी गई है, वह जमीन भी वापस ली जाएगी, क्योंकि ऑक्सीवन लगाने का कार्य नगर निगम खुद करेगा।
हरियाणा सरकार की ऑक्सीवन मॉडल योजना के तहत मुगल कैनाल के करीब 2.4 किमी लंबे क्षेत्रफल में लगभग 80 एकड़ भूमि में ऑक्सीवन बनाया जा रहा है। इनमें वन के 10 घटक बनाए जाने का प्रस्ताव है, जिनमें चितवन, पाखीवन, अंतरिक्ष वन, तपोवन, आरोग्य वन, नीर वन, ऋषि वन, पंचवटी वन, स्मरण वन व सुगंध वन आदि शामिल हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने पांच जून 2021 को सेक्टर चार में पंचवटी पौधरोपण करके इस योजना की शुरूआत की थी। इस योजना में नगर निगम ने भी 45 एकड़ जमीन वन विभाग को ऑक्सीवन लगाने के लिए दी थी।
फिलहाल सीएम की ओर से नहीं आया कोई निर्णय
इधर, निगमायुक्त नरेश नरवाल ने अब निगम की 50 एकड़ कृषि योग्य भूमि को भी बागवानी आदि लगाने के लिए तीन साल के लिए वन विभाग को देने की तैयारी कर ली है। हालांकि निगमायुक्त के इस निर्णय के खिलाफ महापौर और नगर निगम के पार्षद विरोध में उतर आए हैं। महापौर रेनू बाला गुप्ता व पार्षदों ने एक स्वर में एलान कर दिया है कि वन विभाग को जमीन नहीं देने देंगे। अब मामला मुख्यमंत्री मनोहर लाल तक पहुंच चुका है। अभी इस पर मुख्यमंत्री स्तर से कोई निर्णय नहीं आया है।
‘ऑक्सीवन लगाने की ओर नहीं बढ़ पाया वन विभाग’
50 एकड़ जमीन का विवाद अभी चल ही रहा है कि महापौर रेनू बाला गुप्ता ने बताया कि पिछले दिनों ऑक्सीवन के लिए जो भूमि वन विभाग को दी गई है, उसे भी वन विभाग से वापस लिया जाएगा। इस भूमि में ऑक्सीवन तो बनेगा, लेकिन ये कार्य खुद नगर निगम कराएगा। उन्होंने कहा कि एक साल से अधिक समय बीत गया है, लेकिन अभी तक वन विभाग ऑक्सीवन लगाने की ओर नहीं बढ़ पाया है। कुल मिलाकर अब नगर निगम की कुल 95 एकड़ भूमि पर रार शुरू हो चुकी है। फिलहाल अब मुख्यमंत्री इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं, इसका सभी को इंतजार है।