माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राष्ट्रीय कामगार संघ से संबंधित यूनियनों ने रविवार को प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री आवास के घेराव का प्रयास किया। हालांकि उन्हें पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक लिया। ऐसे में मुख्यमंत्री के करनाल विधानसभा प्रतिनिधि अमरनाथ सौदा को ज्ञापन सौंपा गया। मुख्यमंत्री प्रतिनिधि ने आश्वासन दिया कि यूनियन के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात मुख्यमंत्री से करवाई जाएगी।
सुबह से ही कर्मचारी और श्रमिक फव्वारा पार्क सेक्टर-12 में इकट्ठा होना शुरू हो गए। यूनियन नेताओं ने कहा कि हरियाणा सरकार के समक्ष कर्मचारियों की मांगों को उठाने के लिए राष्ट्रीय कामगार संघ का गठन किया गया था। सरकार कर्मचारियों, श्रमिकों और परियोजना कर्मियों का शोषण कर रही है। यह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। राज्य प्रधान इंद्र सिंह मलिक और प्रांतीय महामंत्री जंग बहादुर यादव की अगुवाई में दोपहर को कर्मचारी मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने निकल पड़े। जहां गांधी चौक पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर इन्हें आगे बढ़ने से रोक लिया।
ये यूनियन बने प्रदर्शन का हिस्सा
ट्यूबवेल ऑपरेटर यूनियन, भवन यूनियन, मिड-डे मिल यूनियन, आयुष विभाग यूनियन, आशा वर्कर यूनियन, अनाज मंडी राइस मिल ठेका श्रमिक यूनियन, शिक्षा विभाग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यूनियन, भट्ठा मजदूर यूनियन, इंजीनियर मजदूर यूनियन, टैक्सटाइल मजदूर यूनियन आदि प्रदर्शन में शामिल हुए। कर्मचारियों को सुरेंद्र ठाकुर भवन निर्माण, जसबीर सिंह ट्यूबवेल ऑप्रेटर यूनियन, राजमल सिंह आयुष विभाग, श्ािश भास्कर आंगनवाड़ी वर्कर, उदयवीर सिंह रेवाड़ी, दलसेर सिंह नरवाना, सुनीता जींद, कैलाश रेवाड़ी, बलवान फतेहाबाद, राजपाल हिसार, रंजना कैथल, पूनम कैथल, ओपी मालिया सिरसा, तारा चंद अंबाला, सुनीता यमुनानगर, महेन्द्र सिंह करनाल, शिव दियाल यमुनानगर, तारीफ हुसैन नूह, अमीर हुसैन यमुनानगर, सोनू अंबाला, लोकेश सुंदर पलवल, शाम लाल, बलराज कश्यप करनाल कविता जींद, विजेन्द्र जींद, सुरेश भिवानी, चन्द्रपाल, रेखा, सुदेश, रामकुमार पासवान, संतोष व विनोद ने संबोधित किया।
यह हैं प्रमुख मांगें
पब्लिक हेल्थ ग्रामीण ट्यूबवेल ऑप्रेटर्स को ईएसआई व ईपीएफ का सदस्य बनाया जाए। 20 हजार रुपए वेतन दिया जाए। आयुष विभाग में नियमित भर्ती की जाए। मिड-डे मील वर्करों को 12 महीने का वेतन दिया जाए। सरकारी स्कूलों में नियुक्त पार्ट टाइम कर्मचारी पक्के किए जाएं। आंगनबाड़ी वर्करों को 21 हजार रुपए वेतन दिया जाए। भवन निर्माण श्रमिकों का पहले की भांति ऑफ लाइन रजिस्ट्रेशन किया जाए। मंडी मजदूरों की मजदूरी में बढ़ोतरी की जाए।