माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। धान की सरकारी खरीद में पारदर्शिता लाने और मिलिंग प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। इसे लेकर डीसी ने एसडीएम को सघन जांच करने के आदेश दिए हैं। एसडीएम, राजस्व अधिकारियों और जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की टीम बनाएंगे। ये टीम सभी राइस मिलों में रखे धान के स्टॉक की फिजिकल वेरिफिकेशन यानी भौतिक जांच करेगी।
जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थी जिनमें कुछ मिलरों की ओर से खरीदे गए धान और उनके पास रखे स्टॉक के बीच अंतर की बात सामने आई थी। विभाग को निर्देश दिया गया है कि सभी मिलों में रखे धान के भौतिक स्टॉक की तुलना रिकॉर्ड में दर्ज मात्रा से की जाए और मिलिंग, प्रोक्योरमेंट व डिस्पैच से जुड़े रजिस्टरों का गहन निरीक्षण किया जाए। आदेश में साफ कहा गया है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या असंगति मिलने पर उसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर तुरंत मुख्यालय को भेजी जाए। इसमें तस्वीरें, दस्तावेज और संबंधित अधिकारियों के निरीक्षण संबंधी टिप्पणियां भी शामिल की जाएं।
साथ ही, अधिकारियों को सतर्क रहते हुए राजस्व अधिकारी, खाद्य निरीक्षक और अन्य संबंधित विभागीय कर्मियों के साथ मिलकर संयुक्त जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी मिलरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।