माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। सड़कों से जुड़े विभागों के अधिकारी अब हर माह सड़कों की स्थिति को लेकर ऑडिट किया करेंगे, ताकि जो भी सामान्य खामी मिले, वह तुरंत दुरुस्त हो। इसमें गड्ढे भरने से लेकर सफेद पट्टी लगाना, साइन बोर्ड और पेड़ों की छंटाई कराना आदि शामिल है। यह निर्देश उपायुक्त उत्तम सिंह ने जारी किए हैं। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उन्होंने लोक निर्माण विभाग, मार्केटिंग बोर्ड, जिला परिषद और नगर निगम अधिकारियों से कहा कि सड़कों की मरम्मत का कार्य समय-समय पर होता रहे। अपने क्षेत्र की सड़कों की स्थिति देखना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। अखबारों में सड़कों की खामियां प्रकाशित होने के बाद मुझे काम के लिए निर्देश जारी करने पड़ें, ये अच्छी बात नहीं है। यदि सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में गड्ढे भरने और सफेद पट्टी लगाने जैसे कार्य भी एजेंडे में रखने पड़े तो इसका अर्थ है संबंधित अधिकारी काम नहीं कर रहे।
धुंध छाने के बाद अमर उजाला ने अभियान चलाकर सड़कों की खामियों को उजागर किया। शहर व हाईवे की सड़कों से सफेद पट्टी न लगने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। 17 से 25 नवंबर तक रोजाना इस मुद्दे पर समाचार प्रकाशित किया गया। जिसमें सफेद पट्टी न होने से होने वाले हादसे, सड़क की अन्य खामियां व कोहरे में किन वजहों से लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं, इसे उजागर किया गया। इस पर संज्ञान लेते हुए अब उपायुक्त ने भी निर्देश जारी किए हैं।
डीसी ने कहा कि अधिकारी शिकायत का इंतजार न करें, अपनी जिम्मेदारी समझते हुए कार्य करें। सड़क के किनारे बने तालाबों की भी चाहरदीवारी की जाए। इस पर इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों ने कहा कि ग्रैप-4 के हटने बाद कार्यवाही की जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग-44, राजमार्ग व शहर के प्रमुख मार्गों पर सड़क किनारे खड़े होने वाले वाहनों पर अब पुलिस की नजर रहेगी।
यदि बेवजह कोई वाहन खड़ा होता है तो कार्रवाई होगी। वाहन है तो हाईवे या पुलिस की पेट्रोलिंग टीम उसे तुरंत हटवाएगी। एसपी गंगाराम पूनिया ने इसे लेकर निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने कहा कि कोहरे में सड़क किनारे खड़े ऐसे वाहनों से भी हादसे होते हैं। उन्होंने आईआरएडी प्रभारी स्वाति गुप्ता से भी हादसों की स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।