माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अब एक बार फिर कर्णनगरी में 122 करोड़ रुपये की लागत वाले टी-फ्लाईओवर प्रोजेक्ट के शुरू होने की उम्मीद बंधी है, क्योंकि अब इसके निर्माण का कार्य खुद हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने अपने हाथ में ले लिया है। उम्मीद है कि शीघ्र ही प्लाईओवर के प्रस्तावित स्थल से बिजली की लाइनों की शिफ्टिंग का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
शहर में आगामी सालों में यातायात को बेहतर बनाने की दिशा में टी-फ्लाईओवर एक महत्वपूर्ण परियोजना है, ये कई सालों से टलती आ रही है। शुरुआती दौर से ही शहर के व्यापारी इस परियोजना के साथ नहीं है, क्योंकि उनका मानना है कि इसका कार्य में लंबा समय चलेगा और जब तक कार्य चलेगा, तब तक शहर का यातायात बाधित रह सकता है, जिसके कारण बाजार प्रभावित होंगे। हालांकि इस फ्लाईओवर निर्माण के जरिए शहर में जाम की समस्या के समाधान हो सकेगा।
स्मार्ट सिटी प्राइवेट लिमिटेड ने इस प्रोजेक्ट के डिजाइन पर लाखों रुपए खर्च किए लेकिन धरातल पर स्थिति ज्यों की त्यों ही रही। शहर में बनने वाले टी फ्लाईओवर के निर्माण कार्य के लिए लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले पूर्व सीएम मनोहर लाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सात मार्च को इसका शिलान्यास भी किया था।
इस फ्लाईओवर के निर्माण के लिए 122 करोड रुपए की लागत भी प्रस्तावित है। निर्माण कंपनी की ओर से पुरानी सब्जी मंडी के सामने साइन बोर्ड भी लगाए गए लेकिन वह इंतजाम भी धरे के धरे रह गए, लेकिन निर्माण शुरू नहीं हो सका। आखिरकार, इस परियोजना को टाल दिया गया।
एचएसवीपी के अधीक्षक अभियंता धर्मबीर सिंह ने बताया कि कई बार निर्माण स्थल से बिजली की लाइनों की शिफ्टिंग के लिए टेंडर लगाए गए लेकिन कोई कंपनी नहीं आई। इसमें करीब पांच करोड़ रुपये लाइन शिफ्टिंग होनी है। बिजली बोर्ड ने इस्टीमेट तैयार किया है। एजेंसी नहीं आने के कारण अभी तक इसका कार्य शुरू नहीं हो सका।
अब लाइन शिफ्टिंग का कार्य एचएसवीपी की ही बिजली शाखा से कराने का निर्णय ले लिया गया है। इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर मुख्यालय भेज दी गई है। अभी ग्रैप-4 लागू होने के कारण कार्य आगे नहीं बढ़ रहा है, इसके बाद लाइन शिफ्टिंग का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। लाइन शिफ्टिंग कार्य में करीब तीन से चार महीने का समय लग सकता है।
इसके सिविल वर्क पर 111 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। ये टी-फ्लाईओवर हरियाणा नर्सिंग होम के पास से शुरू होकर रेलवे रोड पर चर्च के पास तक जाएगा। बीच में टी-प्वाइंट कमेटी चौक से कर्ण पार्क यानी बस स्टैंड तक होगा।
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इन क्षेत्रों को होगा फायदा
शहर में यह परियोजना सिरे चढ़ती है तो शहर के मुख्य चौक घंटा-घर, आंबेडकर चौक, पुरानी सब्जी मंडी चौक, रेलवे रोड चौक, पुराने बस स्टैंड के सामने रोजाना लगने वाले जाम की समस्या से निजात मिल जाती। लोगों का कहना है कि जाम की समस्या से निजात दिलवाने के लिए सरकार व जिला प्रशासन की ओर से निर्णय लेने की आवश्यकता है।