कोरोना के पॉजिटिव मरीजों को अब शाहाबाद स्थित आदेश मेडिकल कालेज के बजाए कल्पना चावला मेडिकल कालेज में ही रखा जाएगा। रामनगर में कोरोना पॉजिटिव मिले मरीज को कालेज में दाखिल कर लिया है, जबकि नांदेड़ साहिब से आए पखाना के परिवार के ही सदस्य को उसके घर पर ही रखा है। जिला प्रशासन की ओर से फैसला लिया गया है कि अगर आगे से कोई व्यक्ति पॉजिटिव मिलता है तो उसे करनाल में ही रखा जाएगा।
उधर सूत्रों का दावा है कि आदेश मेडिकल कालेज ने एक कोरोना पॉजिटिव मरीज के ठीक होने तक का करीब 70 हजार रुपये का बिल बनाया है। इसके बाद ही जिला प्रशासन ने यह फैसला लिया है। आदेश मेडिकल कालेज ने इस बारे में सीएमओ करनाल को पत्र भी भेजा है।
उपायुक्त ने कल्पना चावला मेडिकल कालेज के निदेशक डा. जगदीश दुरेजा और सीएमओ डा. अश्वनी आहूजा के साथ बैठक कर अब तक के कोरोना पॉजिटिव केसों से लेकर संभावित केसों के संदर्भ में भी मंथन किया। बाद में फैसला लिया कि अब कोरोना पॉजिटिव मरीजों को करनाल स्थित कालेज में ही रखा जाएगा। इस समय भी करनाल के 9 मरीज आदेश मेडिकल कालेज में दाखिल हैं। बुधवार को रामनगर और पखाना के किशोर को लेकर प्रबंधन ने इस फैसले को लागू भी कर दिया। रामनगर के मरीज को कल्पना चावला मेडिकल कालेज में ठहराया है, जबकि पखाना के किशोर को उसके घर पर ही रखा है। क्योंकि उसके परिवार के पांच पॉजिटिव सदस्य आदेश मेडिकल कालेज में दाखिल हैं।
70 संदिग्धों के लिये सैंपल
जिले में कोरोना के संदिग्ध 3155 व्यक्तियों के सैंपल लिए गए इनमें से 3085 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है तथा 70 की रिपोर्ट आनी शेष है। सिविल सर्जन डॉ. अश्विनी आहुजा ने बताया कि जिले में अब तक विदेश से आए यात्रियों की संख्या 1012 है, जिनमें से 1012 व्यक्ति 28 दिन या इससे अधिक दिनों का सर्विलांस समय पूरा कर चुके है, 14 दिनों वाले कांटैक्टस व यात्रियों की संख्या 135 है तथा 15 से 28 दिनों के कांटैक्टस वाले यात्रियों की संख्या 115 है और 233 यात्री 28 दिनों का सर्विलांस पूरा कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि वीरवार को 7 डिस्पले नोटिस किए गए और सभी संस्थाओं से प्राप्त सामान्य ओपीडी की संख्या 40 रही।
एक अन्य अस्पताल तलाशने में जुटा प्रशासन
नई गाईडलाइन के हिसाब से जिला प्रशासन ने फैसला लिया है कि कोरोना पॉजिटिव उन लोगों को अन्य अस्पताल में ठहराया जाएगा, जिनका घर में रहने की व्यवस्था नहीं है। साथ ही उन मरीजों को भी इसी में रखा जाएगा, जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं हैं। सीएमओ अश्वनी कुमार ने बताया कि इसके लिए दो से तीन अस्पताल देखे जा रहे हैं, जल्द फैसला ले लिया जाएगा। सीएमओ ने बताया कि आदेश अस्पताल ने जिस मरीज का बिल भेजा है, वो कुरुक्षेत्र में काउंट होता है, क्योंकि तरावड़ी निवासी उस लड़की का टेस्ट कुरुक्षेत्र स्वास्थ्य विभाग ने कराया था। बिल का भुगतान आयुष्मान योजना के तहत होना है।