संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से अब जिले के 10वीं पास युवाओं को भी बीज, खाद, दवाई बेचने का डिप्लोमा मिलेगा।
इसके लिए जिले के युवाओं को कृषि विभाग में आवेदन करना होगा। उसके बाद एग्रीकल्चर मैनेजमेंट एक्सटेंशन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (हमेटी) द्वारा जिले में ही आवेदनकर्ताओं को 48 सप्ताह का प्रशिक्षण उपलब्ध करवाया जाएगा। इस कोर्स के एक बैच में 40 आवेदनकर्ता शामिल हो सकते हैं।
इसके लिए इच्छुक युवा को आवेदन और निर्धारित 20 हजार रुपये देने होंगे। उसके बाद ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की ओर से संबंधित जिले में ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभाग के कृषि उपनिदेशक वजीर सिंह ने बताया कि हमेटी द्वारा 10वीं पास युवाओं को डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन सर्विसेज फार इनपुट डीलर (डेसी) कराया जाएगा। 48 सप्ताह का प्रशिक्षण करने के बाद डिप्लोमा मिलेगा।
इसमें अच्छी बात यह है कि डिप्लोमा के लिए युवाओं को प्रतिदिन आने की जरूरत नहीं बल्कि उन्हें सप्ताह यानी रविवार के दिन ही दो सेशन लगाने होंगे।
48 दिनों के इस सैशन में युवाओं को विभाग द्वारा 80 टॉपिकों पर जानकारी दी जाएगी। जिसमें सब्जी, फूल, गेहूं, धान, कीट, बीज, खाद, दवाई आदि के बाद में विस्तार से जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। डिप्लोमा के आधार पर युवा भारत के किसी भी राज्य में बीज, खाद व दवाई बेचने का लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि डिप्लोमा के बाद ही युवा को लाइसेंस दिया जाएगा। उसके बिना लाइसेंस नहीं बनेगा। इसके लिए इच्छुक युवा को इन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन सर्विस फार इनपुट डीलर डिप्लोमा जरूर करना होगा। इसके बाद ही नए व पुराने लाइसेंस रिन्यू हो पाएंगे।
नकली खाद बीज से मिलेगा छुटकारा : उन्होंने बताया कि अब तक केवल उन्हीं व्यक्तियों को डिप्लोमा कराया जाता था, जो लोग पहले ही उक्त व्यवसाय को करते आ रहे हैं लेकिन अब कोई भी युवा 10वीं के बाद इस डिप्लोमा को हासिल कर सकता है। डिप्लोमा करने वाले युवा को बेहतर जानकारी मिलने से बाजार में नकली खाद-बीज की समस्या से काफी हद तक छुटकारा मिलेगा। उन्होंने बताया कि बीज, उर्वरक और कीटनाशक दुकान से खरीदता है। ऐसे में जरूरी है कि इस संबंध में उन्हें बुनियादी ज्ञान हो।