स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में शहर को स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर स्थान दिलाने के मुद्दे पर शनिवार को अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार ने सफाई दरोगा, सुपरवाइजर, स्वच्छ भारत मिशन शहरी टीम के साथ बैठक की। निर्देश दिए कि शहर में शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और गीले-सूखे कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित किया जाए। ट्रिगर मास्टर व मोटिवेटर इसकी नियमित रिपोर्ट मुख्य सफाई निरीक्षक को उपलब्ध करवाएंगे।
बैठक में टिपर चालकों और हेल्परों की उपस्थिति, वर्दी और कार्यप्रणाली की निगरानी के भी आदेश दिए गए। उन्होंने बताया कि शहर में आरआर सेंटरों को सक्रिय किया जाएगा। सेक्टर-13 में कंपोस्ट पिट, एमआरएफ यानी मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी और जीरो वेस्ट वार्ड विकसित करें। वेंडिंग जोन और स्ट्रीट फूड जोन में डस्टबिन की उचित व्यवस्था सुनिश्चित किए जाएंगे।
उन्होंने सफाई दरोगाओं और सुपरवाइजरों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कहीं भी कचरे के ढेर नहीं लगने दें। पार्क, मार्केट, सार्वजनिक स्थल और फूड प्लेस में स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त रखने पर जोर दिया गया। व्यावसायिक क्षेत्रों और फूड प्लेस पर सभी रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं के पास डस्टबिन रखना अनिवार्य होगा। नालों-नालियों की नियमित सफाई, बरसाती पानी की निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने और स्लम एरिया में प्रतिदिन मॉनिटरिंग करेंगे।
उन्होंने कहा कि खाली प्लॉटों में कचरा नहीं डालने देने और मुख्य सड़कों व गलियों में मलबे के ढेर की सूची बनाकर कार्रवाई करने को कहा गया। सभी जोन के सफाई दरोगा अपने अधीन कर्मचारियों की रोजाना उपस्थिति, वर्दी और पीपीई किट की निगरानी करेंगे। स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।