- अधिकारी के बिना सूचना गैरहाजिर रहने पर मंत्री हुए, कार्रवाई के निर्देश मिलने के 20 मिनट में पहुंची ईओ सफाई देती आई नजर गांव
- एक मामले में धारा और जांच अधिकारी बदले, दूसरे में पूर्व सरपंच और ग्राम सचिव से वसूली के निर्देश, बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं
- जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में 15 मामलों में से 11 निपटे, चार में जांच के दिए निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता उस समय सख्त नजर आए, जब एक मामला सामने आने पर एचएसवीपी की संपदा अधिकारी बैठक से गैर हाजिर मिलीं। इस पर मंत्री ने एक्सईएन को मामले की जांच के लिए कहा, साथ ही उपायुक्त अनीश यादव को संपदा अधिकारी की अनुपस्थिति दर्ज करने और नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। हालांकि इन निर्देशों के 20 मिनट बाद ही संपदा अधिकारी बैठक में पहुंच गईं और बैठक के अंत में उपायुक्त और मंत्री को सफाई देतीं नजर आईं।
बैठक पंचायत भवन में समिति के चेयरमैन एवं मंत्री डॉ. कमल गुप्ता की अध्यक्षता में हुई। जिसमें 15 मामले रखे गए, पांच पिछली बैठक से लंबित थे। इनमें से 11 मामलों का मौके पर ही निपटारा किया गया और चार मामलों के समाधान के लिए अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए। बैठक में एक गर्भवती महिला से जुड़े आपराधिक मामले में मंत्री ने धारा और जांच अधिकारी बदलने व एक अन्य मामले में गांव के पूर्व सरपंच और ग्राम सचिव के गबन में दोषी पाए जाने पर उनसे वसूली के निर्देश दिए। इसी तरह सामान्य शिकायतों की सुनवाई के दौरान बैंक कॉलोनी की एक महिला ने बिजली निगम के कर्मचारी विपिन पर अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए। मंत्री ने जांच करके आरोपी कर्मचारी को निलंबित करने के निर्देश दिए। बैठक में नीलोखेड़ी के विधायक धर्मपाल गोंदर, उपायुक्त अनीश यादव, निगम आयुक्त अभिषेक मीणा, एडीसी डॉ. वैशाली शर्मा और एएसपी पुष्पा मौजूद रहे। ब्यूरो
कंपनी का गबन, मुख्यमंत्री से करूंगा बात
पाढ़ा गांव निवासी बलबीर सिंह का मामला एसबीआई जीवन बीमा की किस्त न भर पाने से संबंधित था। मामले में कंपनी के अधिकारी ने बताया कि पॉलिसी की नियमों व शर्तों से हटकर भुगतान नहीं कर सकते। इस पर मंत्री ने कहा कि मैं फैसले से सहमत नहीं हूं। ऐसे तो कंपनी ने गबन किया, मैं इस बारे मुख्यमंत्री से बात करूंगा और पॉलिसी भी बदलवाएंगे। उपायुक्त को निर्देश दिए कि कंपनी के मुख्यालय को भी पत्र लिखें।
पूर्व सरपंच और ग्राम सचिव भरेंगे 1.94 लाख रुपये
सावंत गांव निवासी जिले सिंह की शिकायत पूर्व सरपंच सूरजभान व ग्राम सचिव अजय कुमार के खिलाफ गबन से संबंधित थी। जांच के बाद एसडीएम अनुभव मेहता ने बताया कि गांव के श्मशान घाट, बस क्यू शेल्टर, आयुर्वेदिक अस्पताल, ब्रह्मानंद आश्रम व सार्वजनिक शौचालय पर वॉल पेंटिंग हुई। कार्य की असेस्मेंट एमबी में दर्ज नहीं है और न ही एसडीओ पंचायती राज व जेई द्वारा इन बिलों पर हस्ताक्षर करके सत्यापित किया गया। एसडीओ पंचायती राज की रिपोर्ट के अनुसार 1.94 लाख की गड़बड़ी है। इस पर मंत्री ने पूर्व सरपंच व सचिव दोनों से तय समय में रिकवरी के निर्देश दिए। शेरगढ़ टापू निवासी रोशन लाल का मामला सहकारी चीनी मिल द्वारा धोखे से उनके खाते से गन्ने की राशि काटने से संबंधित था। मामले में एसडीएम ने बताया कि प्रार्थी अपने वित्तीय नुकसान की भरपाई चाहता है। जिस बारे चीनी मिल द्वारा प्रार्थी व अन्य संबंधी के वास्तविक हस्ताक्षरों की जांच बारे एफएसएल मधुबन को भेजा गया है। हस्ताक्षरों की जांच रिपोर्ट अभी लंबित है। मामला 10 माह पुराना होने पर मंत्री नाराज हो गए और 15 दिन में एफएसएल की रिपोर्ट देने के पुलिस को निर्देश दिए। सख्त लहजे में मंत्री बोले, चाहें तो रिपोर्ट एक दिन में आ सकती है।
मुझे मत बताओ, मैं भी डॉक्टर हूं....
एक गांव की महिला की शिकायत दी कि एक जुलाई 2023 को रात को उसके पति व देवर मुकेश के बीच कहासुनी होने के कारण उसका देवर आरोपी नीतू के घर चला गया। जिसको ढुढने के लिए दो जुलाई को करीब 9 या 10 बजे मुकेश को आवाज लगाई तो आरोपी ने उसके साथ रंजिशन मारपीट की। जब उसका पति शोर सुनकर मौके पर पहुंचा तो आरोपी अजय व नीरज ने उस पर हमला किया। घरौंडा थाना के जांच अधिकारी राम अवतार दोषीगणों को बचाने की कोशिश कर रहा है और लगातार राजीनामा का दबाव बना रहा है। मंत्री के पूछने पर जांच अधिकारी ने रिपोर्ट में बताया कि दोषियों को मुकदमे में नियमानुसार तफ्तीश किया गया। मंत्री ने इस मामले में पुलिस की कार्यवाही पर असंतोष प्रकट किया और फरियादी की शिकायत पर मामले की धारा और जांच अधिकारी को बदलने के निर्देश दिए। गर्भवती महिला से जुड़ा होने के कारण उसमें डॉक्टर की सही राय न लेने की भी बात आई। इस पर मंत्री ने जांच अधिकारी से कहा कि मुझे मत बताओ मैं भी डॉक्टर हूं। मामले में कार्रवाई करें।
19 दिन से बेटी लापता, पुलिस चुप बैठी
हांसी रोड निवासी एक महिला ने कहा कि उसकी 18 वर्षीय लड़की 17 अगस्त से लापता है, लेकिन पुलिस जांच नहीं कर रही है। चर्चा में सामने आया कि लड़की की आयु 18 वर्ष उसके लापता होने से चार दिन पहले हुई थी और उसके एक लड़के के साथ जाने का अंदेशा है। इस पर मंत्री ने जांच कराने के निर्देश दिए। हकीकत नगर निवासी अंजू देवी ने आरोपी पशु चिकित्स मोनू पर दो गायों को टीका लगाने और बाद में उनकी मौत होने की शिकायत दी। मामले की रिपोर्ट देते हुए पशुपालन विभाग के उप निदेशक ने बताया कि अभी मामले में बयान नहीं दिए हैं और एक सप्ताह का समय मांगा है। मंत्री ने मामले में निर्देश दिए कि वे शिकायतकर्ता के पड़ोसियों से इस बारे पूछताछ करें और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएं। मामले को अगली बैठक के लिए लंबित रखा। बैठक में एक बुजुर्ग ने मंत्री से आयुष्मान कार्ड न होने और एक महिला ने 75 साल उम्र होने पर पेंशन न बनने की गुहार लगाई। इस पर मंत्री ने दोनों मामलों में अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए और एक सप्ताह में आयुष्मान कार्ड व पेंशन दोनों बुजुर्गों के घर आने का आश्वासन दिया।