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अनाज मंडी इंद्री में मिला यूपी का गेहूं, सात फर्मों को नोटिस

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यूपी के किसानों की गेहूं की खरीद व पोर्टल बंद होने के बावजूद अनाज मंडी में धड़ल्ले से उत्तर प्रदेश के किसानों का गेहूं बिना गेटपास उतर रहा है। मंगलवार को मार्केट कमेटी अधिकारियों ने अनाज मंडी का निरीक्षण किया। इस दौरान अनाज मंडी में यूपी के किसानों का गेहूं आया था। चेकिंग की तो सात फर्मों पर यूपी का गेहूं मिला। अधिकारियों ने आढ़तियों से पूछताछ की तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद आढ़तियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। नोटिस में लाइसेंस रद्द करने तक की बात भी कही गई है।
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मिलीभगत से चल रहा ट्रेडिंग का खेल
अधिवक्ता नवीन कांबोज का कहना है कि जब गेट पास कटे बिना ही मंडी में गेहूं की ट्रॉली की एंट्री हो रही है तो मतलब साफ है ट्रेडिंग का खेल मार्केटिंग बोर्ड अधिकारियों की मिलीभगत से ही चल रहा है। बड़ा सवाल है कि जब सरकारी खरीद बंद हो चुकी है तो गेहूं को कौन खरीदेगा। साफ है पर्चे पहले ही काटे जा चुके हैं। अब केवल स्टॉक पूरा करने का खेल चल रहा है। जल्द मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
जांच हुई तो नपेंगे कई अधिकारी
समाजसेवी राजेश कुमार का कहना है कि दो दिन पूर्व ही करनाल मंडी में भी ट्रेडिंग के खेल का पर्दाफाश हुआ है। जिसमें विभाग के कई अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई है। इंद्री मंडी में भी ट्रेडिंग के खेल की जांच की जाए तो अधिकारियों व कर्मचारियों पर गाज गिरना तय है। क्योंकि कुछ आढ़ती बाहरी प्रदेश से सस्ते रेट पर गेहूं खरीदकर उसे एमएसपी पर बेच रहे हैं और मुनाफा कमा रहे हैं।
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इन फर्मों को नोटिस
किरण ट्रेडिंग कंपनी
रोशन लाल मदन लाल
शेर सिंह जय प्रकाश
विरेंद्र कुमार हेमराज
नाथी राम रामेश्वर दास
ईश्वर सिंह रघुबीर सिंह
सुमेर चंद सुभाष चंद
सुभाष चंद संजय कुमार
नियमानुसार होगी कार्रवाई
मंडी सुपरवाइजर संजीत ने कहा कि सीमांत प्रदेशों का पोर्टल बंद किया जा चुका है। फिर भी कुछ आढ़तियों पर यूपी का गेहूं आया था। आढ़तियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए हैं। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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