माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से निर्धारित मानदंडों पर शहर के कई होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट खरे नहीं उतर रहे हैं। इस पर नगर निगम ने शहर के 107 होटलों, ढाबों, रेस्टोरेंट और बैंक्वेट हाॅलों को नोटिस जारी किया है। पहले नोटिस जारी करके 15 दिन का समय दिया था लेकिन अब निगम ने अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। जिसमें एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा गया है। अभी तक किसी भी होटल या ढाबा संचालक ने जवाब नहीं दिया है। अब नगर निगम इन होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंट पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
शहर में होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंट की संख्या तो करीब तीन सौ से अधिक है, लेकिन इनमें अधिकांश एनजीटी के मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं। एनजीटी ने नगर निगम सहित विभिन्न विभागों को आदेशों का पालन कराए जाने का निर्देश जारी किया है। 20 दिन पहले भी कई ढाबों, होटलों, रेस्टोरेंटों को नोटिस जारी किए थे। अतिरिक्त उपायुक्त डॉ.वैशाली शर्मा ने कई होटलों का निरीक्षण किया था। अब एक बार फिर एनजीटी ने मौजूद मानदंडों को लेकर सख्ती दिखाई है। नगर निगम के कार्यकारी अभियंता सतीश शर्मा ने बताया कि अब शहर के 107 होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंट को अंतिम नोटिस जारी किया गया। जिन्हें मानकों को पूरा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। इन नोटिसों का वितरण शनिवार से शुरू कर दिया गया है। इसमें जवाब भी मांगा गया है। अभी तक सिर्फ होटल संचालकों ने ही सिर्फ सीवरेज व पेयजलापूर्ति कनेक्शन के बारे में जानकारी दी है, लेकिन ऑयल ग्रीस ट्रैप की जानकारी नहीं दी है।
कुछ समय दिया जाए
एनजीटी के मानकों को लेकर शहर के होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट व बैंक्वेट हाॅल संचालक सकते में हैं। संचालकों का कहना है कि अधिकांश ने वाटर व सीवरेज कनेक्शन तो ले रखा है, जिनके पास नहीं है वह ले रहे हैं, लेकिन ऑयल ग्रीस ट्रैप सिस्टम काफी महंगा पड़ता है। हालांकि अनिवार्यता को देखते हुए कई लोगों ने इसे स्थापित करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। नगर निगम को इस सिस्टम को लेकर जल्दबाजी न करके कुछ समय जरूर देना चाहिए।
ऑयल ग्रीस ट्रैप सिस्टम अनिवार्य
एनजीटी के आदेशों के क्रम में सभी होटलों, ढाबों, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हाॅलों में वाटर कनेक्शन, सीवरेज कनेक्शन के साथ-साथ ऑयल ग्रीस ट्रैप सिस्टम का होना अनिवार्य है। बताते हैं कि ऑयल ग्रीस ट्रैप सिस्टम अभी तक किसी के पास नहीं है। जबकि ये सिस्टम पानी में मिले तेल को सीवरेज लाइनों में जाने से रोकता है।