करनाल। लॉकडाउन के दौरान एक युवक की जिद से बवाल खड़ा हो गया। प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेना पड़ा। जांच-पड़ताल के बाद मामला शांत हुआ। मामला कुरुक्षेत्र जिले का है। नवारसी गांव स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के एक प्राध्यापक विद्यालय के आवासीय परिसर में रहते हैं। उनके पास रहे रहे उनके बेटे बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र तूषार ने 16 अप्रैल को कुरुक्षेत्र के उपायुक्त को शिकायत भेजी कि वह लॉकडाउन के दौरान कैंपस की सुविधाओं से संतुष्ट नहीं। उसे भैंस का दूध पसंद है जो उसे नहीं मिल रहा। वह गांव से दूध लाना चाहता है। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए फूड सेफ्टी ऑफिसर डा. संदीप कादियान विद्यालय में पहुंचे और जांच की। डा. कादियान के पास करनाल व कुरुक्षेत्र दोनों जिलों का प्रभार है। डा. कादियान ने तूषार की काउंसलिंग की और उसे समझाया कि आपदा प्रबंधन का क्या मतलब होता है। विद्यालय की प्रिंसिपल व कर्मचारियों के भी बयान दर्ज किए गए। काफी समझाने के बाद छात्र तूषार संतुष्ट हुआ और उसे अपने किये पर पछतावा हुआ। उसने बाकायदा माफी मांगी। तब जाकर मामला शांत हुआ। डा. संदीप कादियान ने कहा कि कोरोना की रोकथाम के लिए लॉकडाउन की पालना सुनिश्चित करना जरूरी है। यदि एक समय में किसी अनावश्यक चीज की कमी है तो उसके बिना काम भी चल सकता है। आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति हो रही है। अभिभावकों को चाहिये कि वह बच्चों को समझाएं और जागरूक करें। --- कर्मबीर लाठर