करनाल में आईटीआई चौक का अंडर पास नहीं खुलने से दो लाख से अधिक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा राज्य कार्यकारिणी सदस्य चंद्रप्रकाश कथूरिया और सर्वजातीय समिति के सदस्यों समेत कई संगठनों समेत और सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी भी इस मुद्दे को उठा चुके हैं।
इसके बावजूद इस पुल को खोलने का प्रयास नहीं किया गया है। अब इस मामले में हाईवे पार के लोग मुद्दे को गंभीरता से ले रहे हैं। तमाम संगठन और राजनीति से जुडे़ लोग इस मामले को लोगों की परेशानी बता रहे हैं। लोगों ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो दो सप्ताह बाद बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
हाईवे पर एक निजी कंपनी की ओर से बनाए जा रहे ओवरब्रिज के नीचे से शहर में नमस्ते चौक, ताऊ देवीलाल चौक, सेक्टर छह चौक, निर्मल कुटिया चौक, आईटीआई चौक और बलड़ी बाईपास पड़ते हैं। कई साल तक काम चलने के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। अभी तक भी कंपनी ने अंडरपास नहीं खोले हैं। भाजपा नेता चंद्रप्रकाश कथूरिया की ओर से कंपनी और सरकार के खिलाफ किए गए आंदोलनों के चलते किसी तरह सेक्टर छह, निर्मल कुटिया चौक और बलड़ी बाईपास चौक के अंडरपास खोले गए थे।
अब एक साल बीत गया है और दूसरे पुल नहीं खोले गए हैं। बसपा नेता परमाल सिंह भी इस मामले को उठा चुके हैं। सर्वजातीय समिति भी बड़ा विरोध कर चुकी है। अब दोबारा इस मामले में गर्माहट आने की संभावना है। अमर उजाला भी इस मामले को गंभीरता से उठा चुका है। लोगों ने भी इस मामले को दोबारा गंभीरता से लिया है। अब इस मामले में शहर के कई सामाजिक संगठन, कई राजनीतिक लोग, नगर पार्षद सामने आए हैं। वे लोग अब अपने-अपने स्तर पर इस मामले को उठाने के प्रयास कर रहे हैं।
सर्वजातीय समिति के अध्यक्ष अमरजीत शर्मा और सदस्य नरेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि कंपनी के कारण लोगों को भारी नुकसान हो रहा हे। अंडरपास नहीं खुलने के कारण दो लाख लोग रोजाना परेशानी झेल रहे हैं। उन्हें आईटीआई चौक के आगे से टर्न कर वापस कुंजपुरा रोड पर जाना पड़ता है। ऐसे में चंडीगढ़ की ओर करनाल को आने वाले वाहनों के दबाव के चलते हालात होचपोच हो जाते हैं और कई बार दुर्घटना हो चुकी है। दो सप्ताह तक पुल नहीं खोला गया तो आंदोलन किया जाएगा।
सामाजिक संस्था निफा के राष्ट्रीय संयोजक एडवोकेट नरेश बराना ने कहा कि आईटीआई चौक के अंडरब्रिज को खोलने का काम प्राथमिकता का है लेकिन सरकार और प्रशासन चुप है। सड़क दुर्घटनाओं में कई बच्चों की मौत हो चुकी है। आइटीआई, कान्वेंट स्कूल, आदर्श पब्लिक स्कूल, पावर हाउस, निशान पब्लिक स्कूल, ओपीएस स्कूल, कुंजपुरा सैनिक स्कूल और हवाई स्ट्रीप पर पहुंचने के लिए यही रास्ता जाता है। करीब पचास गांव आईटीआई से लेकर उत्तर प्रदेश की यमुना नदी से सटी सीमा तक लगते हैं।
सेक्टर नौ, आरकेपुरम, गामड़ी समेत दो लाख लोगों का आवागमन रोजाना होता है। शहर के लोगों को यह मुद्दा एकजुट होकर उठाना चाहिए। कानूनी तौर पर जो भी आवश्यक मदद होगी, वे करेंगे। आईटीआई के पार मंगलपुर निवासी बसपा नेता परमाल सिंह ने कहा यह जनहित का मुद्दा है। बिना किसी राजनीतिक भेद के यह सार्वजनिक तौर पर उठाया जाना चाहिए। वह इसके पक्षधर हैं।
दो सप्ताह में यह मामला नहीं हल हुआ तो वे जनहित में मुद्दे को उठाएंगे। वार्ड दो के नगर पार्षद बलविंदर सिंह और वार्ड एक के पार्षद राकेश कुमार उर्फ बाघ सिंह ने कहा कि वे लोग पहले भी यह मामला उठा चुके हैं। अब विशेष रणनीति बनाई जा रही है। लोगों को एक मंच पर लाने की योजना बनाई जाएगी। यह किसी एक व्यक्ति के लिए संघर्ष नहीं है। कई लाख लोगों को इसका लाभ मिलना है।
तीस से पचास हजार तो वाहन इस मार्ग से रोजाना गुजरते हैं। चंद्रप्रकाश कथूरिया के अनुसार वह पहले भी लोगों के हित में संघर्ष करते रहे हैं। लोगों की संयुक्त ताकत के सामने कंपनी के अधिकारियों और सरकार की ठहरने की ताकत नहीं है। कानूनी दांवपेंच का काम कानूनी तरीके से लिया जाएगा।