जिला शिक्षा विभाग द्वारा जिले के 130 प्राइमरी, मिडल, हाई और सीनियर
सेकेंडरी स्कूलों से 236 गेस्ट टीचर्स को अलविदा कर दिये जाने के बाद
बुधवार को स्कूल खुलेंगे। गेस्ट्स की छुट्टी से जहां गेस्ट टीचर्स के सामने
आर्थिक संकट खड़ा हो गया है, वहीं शिक्षा विभाग की भी नींद हराम हो गई है।
जिले में 20 ऐसे स्कूल हैं जहां की कमान गेस्ट टीचर्स के हवाले थी। ऐसे
में इन सभी स्कूलों में मंगलवार को तनावपूर्ण स्थिति बनी रहेगी। 236 गेस्ट
टीचर्स को निकालने और करीब 1609 टीचर्स के रिक्त पदों के कारण कुल 1845
टीचर्स का जिलेभर के स्कूलों में टोटा आ पड़ा है। ऐसे में बिन टीचर्स के
स्कूलों में कैसे टीचिंग होगी? इसी उलझन में जिला शिक्षा विभाग फंस गया है।
दूसरी ओर विभिन्न ग्राम पंचायतों ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी व जिला
शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर स्कूलों पर ताला जड़ने की चेतावनी भेज दी है।
इन ग्राम पंचायतों का कहना है कि ताला तभी खोला जाएगा, जब गेस्ट टीचर्स की
समस्या का समाधान किया जाएगा। ग्राम पंचायतों की इस चेतावनी के बाद अब
जिला शिक्षा विभाग की मुसीबतें थमती नजर नहीं आ रही हैं। ध्यान रहे कि जिले
में पहले ही 10वीं का करीब 31 तो 12वीं का परीक्षा परिणाम करीब 48 प्रतिशत
रहा था। ऐसे में बिन अध्यापकों के अब कैसे पढ़ाई होगी, यह चिंता का विषय
है।
इन स्कूलों में हंगामे के आसार
बड़ा गांव के सीनियर
सेकेंडरी, सांभली के सीनियर सेकेंडरी व रायसन सीनियर सेकेंडरी में दो-दो
गणित के टीचर थे और इन सभी को बाहर कर दिया गया है। इसी तरह सालवन में
गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जीजीएसएसएस पोपड़ा से व जीएसएसएस चोचड़ा
से 4-4, जीएसएसएस पाढ़ा से, जीएसएसएस शेखपुरा खालसा, जीएसएसएस रायसन,
जीएसएसएस उपलाना, जीजीएसएसएस सालवन, जीजीएचएस मूनक, जीएसएसएस बालरांगड़ान,
जीएसएस मोहड़ी जागीर, जीजीएसएसएस बल्ला व जीएसएसएसए सांभली से तीन-तीन
गेस्ट टीचर्स की एक साथ विदाई कर दी गई। ऐसे में इन स्कूलों में आज पढ़ाई
कैसे होगी, यह सोचने वाली बात है। चोचड़ा हाई स्कूल, चौगांव खंड इंद्री
सीनियर सेकेंडरी स्कूल। आरटीई के अधिनियम के तहत एक भी दिन सभी बच्चों की
छुट्टी नहीं होनी चाहिए, लेकिन जब टीचर ही नहीं होंगे तो बच्चे पढ़ेंगे
कैसे?
इस तरह भेजी गई डीईईओ के पास चेतावनी
ग्राम
पंचायती गोल्ली असंध की ओर से दी गई शिकायत में 2005 में सरकार द्वारा
गेस्ट्स की नियुक्ति करने से हमारे गांव के स्कूल में बच्चों की संख्या में
बढ़ोतरी हुई थी और 2008 में बेहतरीन रिजल्ट आने पर स्कूल को 1 लाख रुपये
का नकद इनाम दिया गया था। ऐसे में इन गेस्ट टीचर्स ने हमारे सरकारी स्कूल
के लिए बहुत कुछ किया है। अब यदि स्कूल से अतिथि अध्यापकों को निकाला गया
तो हम समस्त ग्राम वासी स्कूल का ताला जड़ देंगे और तब तक नहीं खोलेंगे, जब
तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। इसी तरह चोचड़ा, माजरा रोड़ान सहित
करीब आधा दर्जन गांव से स्कूलों को ताला जड़ने की चेतावनी डीईईओ के पास
भेजी गई है।
गांव गंगाटेहड़ी गर्ल स्कूल में 12 टीचर्स में से 12 की छुट्टी
गांव
गंगाटेहड़ी के सीनियर सेकेंडरी कन्या स्कूल की बात करें तो यहां कुल 12
टीचर्स थे। इनमें से 11 गेस्ट्स की सरकार ने छुट्टी कर दी है। 12वें टीचर
जोकि संस्कृत विषय के हैं, मंगलवार को सेवानिवृत्त हो गए। इसी तरह गांव
कलसेरा के प्राइमरी स्कूल में कुल 5 टीचर थे। इनमें से 4 गेस्ट्स की छुट्टी
होने से जिम्मा एक के कंधे पर आ गया है।
किन विषयों के कितने हटाए गए गेस्ट
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पिछले
तीन दिनों से स्कूलों पर ताला जड़ने की चेतावनी जरूर आई है। शिक्षा विभाग
इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। हमारे प्रयास रहेंगे कि कहीं भी
तनावपूर्ण स्थिति नहीं बनने दी जाए और हर स्कूल पहले दिन लगे। जिन स्कूलों
में टीचर्स नहीं हैं, उनमें जल्दी ही सरकार द्वारा नियुक्तियां कर दी
जाएंगी।
- सरोज बाला गुर, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, करनाल