करनाल। बिजली कनेक्शन लेना है तो पहले वन, पशुपालन और पीडब्ल्यूडी विभाग से एनओसी लेकर आओ, इनके बिना कनेक्शन नहीं हो सकता। ऐसा कहकर करीब दो माह तक किसान का बिजली कनेक्शन लटकाने वाले निगम के जेई कुलदीप पर कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उनका कहना है कि मनमानी नहीं चलेगी और ये जेई तो विभाग के अधिकारियों की भी परवाह नहीं कर रहा।
शुक्रवार को पंचायत भवन में हुई जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में यह मुद्दा उठा। अध्यक्षता कृषि मंत्री ने की। बैठक में गांव घोलपुरा निवासी किसान अंकित ने इस संबंध में शिकायत दी थी। उन्होंने पोल्ट्री फार्म के बिजली कनेक्शन के लिए निगम को 17 जुलाई को आवेदन किया था। निगम के जेई कुलदीप ने उनके खेत का दौरा करने के बाद उन्हें कई विभागों की एनओसी लाने के लिए कह दिया जबकि उसकी जरूरत नहीं थी। मंत्री ने एक सप्ताह में फाइल पर कार्रवाई करते हुए एक्सईएन को कनेक्शन जारी करने के निर्देश दिए।
सुनवाई के दौरान मंत्री ने खुद शिकायत पढ़ी। इसमें लिखा था कि जेई ने प्रार्थी को अनपढ़ कहते हुए उसकी फाइल रद्द कर दी थी। जब प्रार्थी एक्सईएन के निर्देश पर दोबारा आवेदन किया तो जेई ने कहा कि उससे बात किए बिना आवेदन क्यों किया गया। इस पर मंत्री एक्सईएन से बोले, ये जेई तो आपको भी कुछ नहीं समझ रहा। उन्होंने डीसी को जांच के बाद कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में 13 परिवादों में से 8 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। शेष 5 परिवादों की उच्च अधिकारियों को जांच सौंपी, इसके लिए कमेटियों का गठन किया गया।
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प्लॉट में से निकाली है सड़क...
सेक्टर-7 निवासी विजय कुमार के प्लॉट से नगर निगम की सड़क निकालने के मामले में निगम के संयुक्त आयुक्त ने रिपोर्ट प्रस्तुत करके कहा कि यह सड़क 1989 के मामले से जुड़ी है। उस समय कस्टोडियन और डीटीपी की ओर से समन्वय नहीं किया गया। तहसीलदार ने रिपोर्ट में कहा कि कागजों में 14 फीट की सड़क है और यहां 37 फीट बनी है। मंत्री ने निर्देश दिए कि मामले से जुड़े राजस्व विभाग के पुराने रिकॉर्ड को चेक करें, ऐसा कैसे हो सकता है।
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विदेश में फंसे बेटे के लिए लगा रहा था गुहार.. खुद पर एजेंट होने के लगे आरोप
गांव झीवरेहड़ी के सुशील कुमार ने बेटे को अमेरिका की जगह दुबई भेजने के नाम पर 36 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया। मामले में पुलिस की ओर से रिपोर्ट प्रस्तुत की गई कि पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मंत्री ने अन्यों पर कार्रवाई करते हुए रुपये दिलवाने के निर्देश दिए। इतने में दूसरे पक्ष के लोग पहुंच गए, उन्होंने प्रार्थी सुशील के ही एजेंट होने और कई लोगों से धोखाधड़ी का आरोप लगाया। इस पर मंत्री ने जांच के आदेश दिए।
ये मामले भी आए
- कुंजपुरा पंचायत के विकास कार्यों के भुगतान अटकने की शिकायत बसताड़ा के अंकित ने दी। बीडीपीओ ने कहा कि पंचायत सस्पेंड थी, इसलिए भुगतान नहीं हुआ। बीडीपीओ पर गलत तरीके से व्यवहार करने के प्रार्थी ने आरोप लगाए। इस पर मंत्री ने एडीसी की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित करने के आदेश दिए।
- बीड़ बड़ालवा निवासी दिव्यांग भजनलाल शर्मा ने मकान के ऊपर से गुजरने वाले 11 हजार वाट की तारों को हटवाने को लेकर बिजली निगम ने 71 हजार रुपये के भुगतान की मांग की। रुपयों की असमर्थता पर मंत्री ने अपने निजी कोष से भुगतान करने की घोषणा की।
- गांव निसिंग के लवप्रीत सिंह ने पंचायती भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत दी हुई है। उनका कहना है कि अधिकारी निशानदेही के लिए नहीं पहुंचे और उन्हें गोली मारने की धमकी मिली है। इस पर मंत्री ने कहा कि इस जमीन पर स्टे नहीं है तो एक सप्ताह के अंदर निशानदेही करवाएं, धमकी की जांच के लिए एसपी से कहा।
- सेक्टर-33 निवासी जयभगवान ने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में सीवरेज लाइन ब्लॉक होने के कारण घरों में पानी बैक मार रहा है जिससे रहना मुश्किल हो गया है। इस समस्या के समाधान के लिए वे बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन अभी तक निवारण नहीं हुआ। मंत्री ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।