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पढ़ाई से बोर नहीं होंगे बच्चे, खेल-खेल में पूरा होगा सिलेबस

Sun, 02 Apr 2017 11:25 PM IST
karnal
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अब बच्चे स्कूल में पढ़ाई से बोर नहीं होंगे। क्योंकि सरकारी स्कूलों में शिक्षा विभाग बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें सिलेबस से जुड़ी बाहरी गतिविधियों से भी रूबरू कराएगा। इसके लिए विभाग सभी स्कूलों में सीआरपी यानी क्लास रेडिनेस प्रोग्राम शुरू करने जा रहा है। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस प्रोग्राम से बच्चे पढ़ाई से बोर नहीं होंगे और खेल-खेल में उनका सिलेबस पूरा हो जाएगा। एक अप्रैल से शुरू हुए शैक्षणिक सत्र में यह प्रोग्राम प्रवेशोत्सव के साथ शुरू करने जा रहा है। दरअसल, शैक्षणिक सत्र के शुरुआती माह में बच्चों को क्लास रेडिनेस प्रोग्राम के तहत बच्चों को रुचिकर गतिविधियां कराई जाती हैं। पिछले वर्ष भी यह गतिविधियां हुई थीं, लेकिन इस बार विभाग ने इनमें बदलाव किया है। शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि इस बार पाठ्यक्रम पर आधारित गतिविधियां कराई जाएंगी। यानी बच्चों से खेल-खेल में पढ़ाई कराई जाएगी। इनमें सामूहिक और कक्षा स्तर पर बच्चों को विभिन्न प्रतियोगिताएं होंगी, जो उनके सिलेबस को भी पूरा करेगी। साथ ही पाठ्यक्रम में शामिल विषयों के तहत बच्चों को ऐसा होमवर्क भी दिया जाएगा, जिससे वे घर पर खेलते समय भी अपने सब्जेक्ट को फालो करें। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बच्चों की ड्रॉप आउट की संख्या कम रहेगी, वहीं बच्चों की पढ़ाई की तरफ रुचि बढ़ेगी। इससे बच्चे आसानी से पाठ्यक्रम को समझ सकेंगे। खेल-खेल में सीखकर उनका परीक्षण भी इसी तरीके से किया जाएगा। इससे उनमें स्पर्धा की स्वच्छ भावना का भी निर्माण होगा।
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22 मई तक चलेगा सीआरपी 
शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार सीआरपी कार्यक्रम विशेष तौर पर 22 मई तक चलेगा। इस अवधि में बच्चों को विभिन्न गतिविधियों के साथ-साथ अनुशासन और शिक्षा का स्तर भी समझाया जाएगा। गर्मियों की छुट्टी के बाद यह प्रोग्राम पूरे वर्ष लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी कार्यक्रम के तहत 31 मई तक बच्चों का सिलेबस पूरा कराया जाएगा। वहीं एक जून से 30 जून तक स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां होंगी। एक जुलाई को स्कूल खुलने के बाद लगातार पढ़ाई चलेगी। 15 सितंबर के आसपास प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा शुरू हो जाएगी और फिर मार्च माह में द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा होंगी।

एसएमसी का गठन आठ अप्रैल को 
सरकारी स्कूलों में पिछले दो सालों से कार्य कर रही स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) का पुनर्गठन आठ अप्रैल को किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी जिला और खंड स्तर के शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर सूचित कर दिया है। एसएमसी कमेटी के पुनर्गठन के लिए शिक्षा विभाग की ओर से बकायदा पूरा शेडयूल बनाया गया है। जिसमें स्कूल में बच्चों का दाखिला सुनिश्चित करवाने की बात कही गई है। एसएमसी का गठन आमसभा के द्वारा होगा जिसमें विभाग ने स्कूल मुखिया व कक्षा प्रभारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी है कि वह गांव, कस्बा आदि में मुनादी करवा या बच्चों के हाथ लिखित निमंत्रण भेज कर सभी बच्चों के माता-पिता को आम सभा में भाग लेने को कहेंगे। यह कार्य के लिए 5 अप्रैल तक का समय निर्धारित किया गया है। इन्हीं तिथियों में ही गांव की पंचायत, स्थानीय प्रशासन व एनजीओ आदि के लोगों को भी कार्यक्रम में शामिल होने को कहा गया है। पांच से सात अप्रैल के समय के दौरान स्कूल मुखियों को बैठक का आयोजन व प्रबंध की तैयारियां करने को कहा गया है। इसी प्रकार से 8 अप्रैल को स्कूल प्रबंधन समिति के पुनर्गठन के लिए पूरी जिम्मेदारी स्कूल मुखिया व स्कूल स्टाफ की होगी। साथ ही पुनर्गठन के बाद विभाग द्वारा दिया गया प्रोफॅार्मा भी भरवाया जाना है। 
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स्कूल में बच्चों पर पढ़ाई का कोई दबाव न हो और उन्हें पाठ्यक्रम अच्छी तरह से समझ में आए, इसलिए सीआरपी प्रोग्राम शुरू किया जा रहा है। इसलिए सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। साथ ही एसएमसी का गठन भी और अप्रैल को किया जाएगा। सरोज बाला गुर, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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