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करनाल-जींद हाईवे टोल प्लाजा पर सुविधाएं दी नहीं और वसूली कर दी शुरू। वाहन चालकों का कहना- टैक्स के नाम पर चालकों से हो रही लूट,

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करनाल-जींद हाईवे पर गांव प्योंत में शनिवार से टोल टैक्स चालू कर दिया गया, लेकिन बिना मूलभूत सुविधाओं के टोल टैक्स वसूली से क्षेत्रवासियों और राहगीरों में रोष है। वाहन चालक अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। वाहन चालकों में महेश, रामकुमार, संजय शर्मा, मोहित और अंकित समेत अन्य का कहना है कि टोल प्लाजा जो टैक्स वसूल रही है वो बहुत ज्यादा है जिससे उनकी जेब पर बोझ बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि टोल प्लाजा पर किसी तरह की मूलभूत सुविधा नहीं है, उसके बाद भी वसूली शुरू कर दी गयी।
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वाहन चालकों का कहना है कि फिलहाल टोल पर वाहन चालकों से टैक्स वसूली शुरू कर दी गयी, लेकिन उन्हें खुले में शौच जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। कारण कि टोल प्लाजा पर कहीं भी टॉयलेट की सुविधा नहीं दी गयी। यही नहीं पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। चालकों के कहना था कि जब सुविधाएं पूरी नहीं थी तो टैक्स वसूली शुरू क्यों की गयी। दूसरी ओर, टोल प्लाजा के आसपास लगते गांवों के लोगों में गहरा रोष है, क्योंकि उनके आवागमन को भी टैक्स फ्री नहीं किया गया।
इस तरह से की जा रही वसूली
- कार, जीप, वैन/ एलएमवी- वन-वे 65 रुपये, टू वे (24 घंटे के अंदर) 95 रुपये, मासिक पास- 2135 रुपये।
- लाइट कामर्शियल व्हीकल, एलजीवी/ मिनी बस-वन-वे 105 रुपये, टू-वे 155 रुपये, मासिक पास 3445 रुपये।
- बस, ट्रक (अप दो एक्सेल)- वन-वे 215 रुपये, टू-वे 325 रुपये, मासिक पास- 7220 रुपये।
- कामर्शियल व्हीकल (तीन एक्सेल)- वन-वे 235 रुपये, टू-वे 355 रुपये, मासिक पास 7875 रुपये।
- एचसीएम/ईएमई/एमएवी (चार से छह एक्सेल)- वन-वे 340 रुपये, टू-वे 510 रुपये, मासिक पास 11320 रुपये।
- ओवरसीज व्हीकल (सात या उससे ज्यादा एक्सेल)- वन-वे 415 रुपये, टू-वे 620 रुपये, मासिक पास 13780 रुपये।
नोट : करनाल जिले के सभी व्यावसायिक वाहनों को 50 प्रतिशत छूट मिलेगी जो कि दोनों तरफ से 25-25 प्रतिशत होगी।
दो कैश लेन और छह हैं फास्टैग लेन
टोल प्लाजा पर दोनों तरफ 4-4 यानी की कुल 8 लेन रखी गयी हैं, जिनमें दोनों तरफ 1-1 कैश लेन और 3-3 फास्टैग लेन रखी गयी हैं। वहीं, प्लाजा के शुरू होने के पहले दिन वाहन चालक टैक्स न देने को लेकर प्लाजा कर्मियों से बहस करते भी नजर आए।
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आसपास के ग्रामीणों के लिए टैक्स हो माफ
प्योंत वासी संजू का कहना है कि गांव के अधिकतर लोग खेती-बाड़ी का काम करते हैं और ग्रामीणों की अधिकतर कृषि भूमि टोल से आगे है जिस कारण उनका वहां दिन-रात आना जाना होगा। इस हिसाब से आसपास के ग्रामीणों से टोल वसूलना उचित नहीं होगा। आसपास के ग्रामीणों का मासिक पास न बनाकर टोल बिल्कुल माफ होना चाहिए।
टैक्स बचाने के लिए गांवों में घुसेंगे वाहन, हादसे का डर
राजू चौधरी का कहना है कि टोल प्लाजा गुल्लरपुर-प्योंत के बीच स्थापित किया गया है, जिससे ग्रामीणों की समस्या बढ़ने वाली है क्योंकि आने जाने वाले वाहन चालक अपना टोल टैक्स बचाने के लिए गांवों में घुसेंगे। अधिकतर ग्रामीणों के घर के गेट भी सड़क पर हैं जिससे हादसों का डर बना रहेगा। वहीं, प्योंत-गुल्लरपुर को जोड़ने वाली सड़क भी संकरी है और वहीं से ग्रामीणों का आमतौर पर आना जाना होता है।
टोल प्लाजा मैनेजर मनोज तोमर का कहना है कि टोल प्लाजा शुरू कर दिया गया है। टॉयलेट निर्माणाधीन हैं जो जल्द ही बन कर तैयार हो जाएगा। नियमानुसार चालकों को सभी सुविधाएं दी जाएंगी। उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी।
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