करनाल। सहोदय स्कूल कांप्लेक्स की ओर से बुधवार को आयोजित अंतर विद्यालय समूह नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले भर के सीबीएसई स्कूलों की टीमों ने हिस्सा लेकर प्रतिभा के रंग बिखेरे। इस दौरान नन्हे-नन्हे घुंघरू, चांदी का तेरा नाड़ा रै... और नेक देता जाईये जीजा, नेक देता जाईये... जैसे गीतों पर समूह नृत्य की प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। रंगारंग कार्यक्रम में बच्चों ने एक से बढ़कर एक शानदार प्रस्तुतियां प्रस्तुत दी और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इस अवसर पर जीपीएस निसिंग की टीम प्रथम रही। वहीं द्वितीय स्थान पर दून इंटरनेशनल स्कूल की टीम ने प्राप्त किया।
इसके अलावा माउंट लिट्रा जी स्कूल की टीम तृतीय रही। वहीं पार्थ पब्लिक स्कूल घरौंडा व ओपीएस विद्या मंदिर स्कूल की टीम को सांत्वना पुरस्कार मिला। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कैथल रोड स्थित दून इंटरनेशनल स्कूल में हुई प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने राजस्थानी, हरियाणवी, पंजाबी और बॉलीवुड गीतों पर नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर निवर्तमान मेयर रेणु बाला गुप्ता और निवर्तमान सीनियर डिप्टी मेयर राजेश अग्गी ने शिरकत की। वहीं निदेशक कुलजिंदर मोहन सिंह बाठ, पूर्व प्रिंसिपल कमलेश अरोड़ा विशेष तौर पर उपस्थित रहे। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा विद्यार्थी पुरस्कार से वंचित रहे, उन्हें और मेहनत करके आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। निर्णायक की भूमिका म्यूजिक शिक्षक सैम ओबेरॉय और कुमार लविश ने निभाई। मंच संचालन शिक्षिका गीतांजलि गिरधर, डिंपल दीनदयाल की ओर से किया गया। इस अवसर पर स्वर्ण कौर, पूनम झाम, हरप्रीत, सुभद्रा, आरती और प्रियंका मौजूद रहे। ब्यूरो
प्रतिभा के बल पर दम दिखा रही युवा पीढ़ी : रेनू बाला
मुख्य अतिथि पूर्व महापौर रेनू बाला गुप्ता ने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी अपने प्रतिभा और शिक्षा के स्तर के बल पर आज विश्व भर में अपना सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त कर रही है। जिसके लिए शिक्षक समुदाय का विशेष आभार है। बच्चों को भी प्रतियोगिताओं में हमेशा आगे रहना चाहिए। इस तरह की प्रतियोगिताओं से प्रतिभा में निखार आता है। इसके साथ ही नेतृत्व भी भावना भी विकसित होती है। पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर राजेश अग्गी ने भी विद्यार्थियों को प्रेरित किया। निदेशक कुलजिंदर मोहन सिंह बाठ ने कहा कि 21वीं सदी भारत नए भारत की युवा पीढ़ी की सदी है और भारत के बच्चों का प्रतिभा प्रदर्शन, उनका आत्मविश्वास व उनकी शैक्षिक योग्यताएं उन्हें विश्व में ऊंचा स्थान प्रदान करती हैं।