संवाद न्यूज एजेंसी
जुंडला। सरकार की प्राथमिकताओं में पानी बचाने के साथ-साथ पराली जलाने पर रोक लगाना और सेम की समस्या से निपटना भी है। प्रदेश में नौ लाख एकड़ जमीन सेम से प्रभावित है। जमीन की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए जरूरी है कि फसल अवशेष को खेत में ही खपा दिया जाए। ये बातें सोमवार को कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन एवं डेयरी तथा मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने दादूपुर रोडान गांव स्थित महर्षि दयानंद रामचंद्र पान्ना चौपाल भवन में कही। वे भारतीय किसान मजदूर नौजवान यूनियन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान मंत्री को स्मृति चिह्न भेंट किया गया। ग्रामीणों ने मंत्री से पशु अस्पताल में वेटरनरी सर्जन नियुक्त करने, तालाब की सफाई कराने और कच्चे रास्तों को पक्का कराने की मांग कर 24 फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने के लिए आभार जताया।
मंंत्री ने किसानों से कम पानी की लागत वाली फसलें उगाने की अपील करते हुए कहा कि भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए पानी बचाना बेहद जरूरी है। सरकार मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत धान की जगह कम पानी के लागत वाली फसलें उगाने पर सात हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दे रही है। इस मौके पर कृषि विभाग के उपनिदेशक वजीर सिंह, किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र आर्य दादुपुर, सरपंच प्रतिनिधि यशवीर आर्य, चिमन लाल, सतपाल सिंह, पूर्व सरपंच लहरी सिंह, कतलाहेडी गांव सरपंच प्रतिनिधि सुनील कादियान,प वन कुमार, मास्टर शमशेर सहित अन्य मौजूद रहे।