प्रदेश सरकार द्वारा हरियाणा रोडवेज के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की घोषणा की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इसके मुताबिक ड्राइवर के वेतन में 15 हजार रुपये और कंडक्टर के वेतन में नौ हजार रुपये प्रति माह वेतन में बढ़ोतरी हुई है। कर्मचारियों को अगस्त माह में मिलने वाली सेलरी बढ़े हुए स्केल के मुताबिक ही मिलेगी। प्रदेश के करीब चार हजार कर्मचारियों चुनाव से पहले यह तोहफा दिया गया है। इनमें करनाल डिपो के 187 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। उधर, करनाल डिपो ने जुलाई में 65 लाख रुपये अधिक का राजस्व इकट्ठा किया है। 37 लाख रुपये में 11 कंडम बसों की नीलामी से भी डिपो की आमदनी का आंकड़ा बढ़ा है।
141 ड्राइवर और 46 कंडक्टर को लाभ
करनाल डिपो से 141 ड्राइवरों और 46 कंडक्टर पक्के हुए हैं। ड्राइवर को पहले दस हजार रुपये और कंडक्टर को बारह हजार रुपये मिलते हैं। अब ड्राइवर को 25 हजार रुपये और कंडक्टर को 21 हजार रुपये प्रति माह का वेतन हो गया है। इसके अलावा अपने निवास स्थान से बाहर नाइट स्टे करने पर 140 रुपये मिलते हैं। करीब 200 से 300 रुपये प्रति घंटा ओवरटाइम मिलेगा। कच्चे कर्मचारियों को 60 रुपये प्रति घंटा ही मिलता था। इस तरह ड्राइवर-कंडक्टर सभी फंड जोड़कर उनको हर महीने 40 से 45 हजार रुपये प्रति महीना वेतन बनता है।
65 लाख रुपये अधिक कमाये
महाप्रबंधक रविंद्र पाठक ने बताया कि करनाल डिपो में जुलाई माह का राजस्व पिछले साल के मुकाबले जबरदस्त बढ़ोतरी की है। जुलाई 2013 में 165 बसों से दो करोड़ 73 लाख रुपये राजस्व हुआ था। अब 22 जुलाई 2014 में 183 बसों से तीन करोड़ 38 लाख रुपये का राजस्व हो चुका है। करीब 65 लाख रुपये राजस्व अधिक हो चुका है। इस तरह की कर्मचारियों की मेहनत और सवारियों का सफर से डिपो की बेहतर छवि बनती है।
ग्यारह कंडम बसों की नीलामी 37 लाख में
करनाल डिपो में कंडम हुई 18 बसों में से 11 बसों की नीलामी कर दी है। प्रत्येक बस बोली पर टैक्स सहित तीन लाख 40 हजार रुपये में गई है। इससे डिपो में करीब 37 लाख चार हजार रुपये कंडम बसों से जमा हुआ है। महाप्रबंधक रविंद्र पाठक बताते हैं कि बसों की इतनी महंगी नीलामी प्रदेश में करनाल में ही हुई है।