निफा सामाजिक सरोकार के साथ पंजाबी लोकनाच भंगड़ा के संरक्षण में जुटी है। निफा ने भंगड़ा की प्रस्तुति पर अलग-अलग राज्यों में कई राष्ट्रीय पुरस्कार किया है। निफा की स्थापना को 14 वर्ष साल हुए हैं।
निफा लिंगानुपात, एड्स और विश्व शांति के नाम पर तीन बडे़ कार्यक्रम करनाल में ही आयोजित कर विश्व रिकार्ड बना चुकी है। तीनों बार निफा गिनीज बुक में भारत का नाम दर्ज करवा चुकी है।
राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में पहला स्थान
निफा की पंजाबी भंगड़ा टीम ने वर्ष 2008 में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन शुरू किया। पहली बार हिमाचल की राजधानी शिमला में राष्ट्रीय स्तर की नाट्य एवं नृत्य प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल कर देश भर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था।
इसके बाद पश्चिम बंगाल में पहला स्थान हासिल किया। उड़ीसा राज्य के कटक में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में वर्ष 2010, 2011 और वर्ष 2013 में तीनों बार प्रथम स्थान हासिल कर चुकी है।
आसाम में नृत्य आलिंगन महोत्सव में भी टीम के सदस्य अपनी प्रतिभा के बल पर सम्मानित हो चुके हैं। हाल में झज्जर के गांव रोहणा में भंगड़ा टीम ने पहला स्थान हासिल किया है।
दस कलाकार कर रहे देश में नाम रोशन
निफा की भंगड़ा टीम के प्रशिक्षक प्रीतपाल सिंह तरावड़ी के अनुसार टीम में अमनदीप, सुखदीप सिंह, प्रभजीत सिंह, सरजिंद्र सिंह, जगदीप सिंह, वरिंद्र सिंह, बलजीत सिंह, हरदीप सिंह, मलकीत सिंह और परविंद्र सिंह समेत कुल 10 कलाकार हैं। कलाकारों की कठिन मेहनत के बल ही सबकुछ संभव हो पता है। उनका काम प्रस्तुति देने की दिशा में तैयार करना है।