अब हर परिवार की देश में अलग पहचान होगी, जिसका एक यूनिक नंबर होगा। इसके लिए भारत सरकार के नेशनल इन्फार्मेटिक सेंटर (एनआईसी) के माध्यम से डाटा जुटाया जा रहा है। शुक्रवार को अचानक जिले के अधिकांश लोगों के मोबाइल फोन पर एनआईसी के माध्यम से जब यह एसएमएस आया कि हरियाणा सरकार चार अगस्त से परिवार पहचान पत्र वितरण की प्रक्रिया शुरू कर रही है। दी गई परिवार पहचान पत्र संख्या के आधार पर सीएससी या सरल केंद्र जाकर अपने परिवार की विस्तृत जानकारी ठीक करवाएं, ताकि छपे हुए प्रमाण पत्र में कोई गलती न रहे। यह एसएमएस मिलते ही लोगों ने सीएससी, अटल सेवा केंद्रों की ओर दौड़ लगा दी। जिससे यहां भारी भीड़ हो गई। वहीं, दूसरी अटल सेवा केंद्रों, सरल केंद्रों, सीएससी संचालकों के होश फाख्ता हो गए, मेरा परिवार मेरा ब्यौरा पोर्टल की वेबसाइट भी हैंग होने लगी। जिससे यहां अफरा तफरी की स्थिति बन गई।
केंद्र सरकार देश के प्रत्येक परिवार का अलग ब्यौरा एकत्र करके उसे एक विशेष पहचान पत्र देना चाहती है। इसके लिए प्रत्येक परिवार के मुखिया को परिवार पहचान प्रमाण पत्र दिया जाएगा, जिसमें उसके सभी परिजनों को विस्तृत ब्यौरा होगा। इस पहचान पत्र के लिए हरियाणा सरकार के पास तो राशन कार्ड वाला डाटा उपलब्ध है, इसी डाटा के आधार पर करनाल जिले के 276803 परिवारों का पहचान पत्र जारी कर दिया है, जो कुल परिवारों का 84 प्रतिशत बताया जा रहा है। 16 प्रतिशत परिवारों का डाटा अभी फीड होना बाकी है। हरियाणा सरकार ने जिन लोगों को डाटा उपलब्ध है, उनके परिवार पहचान पत्र जारी कर दिए हैं, उनका यूनिक पहचान नंबर भी जारी कर दिया है। इसी यूनिक नंबर के साथ इन सभी परिवारों को शुक्रवार की सुबह एसएमएस भेजा गया है, लेकिन परिवारों को सीएससी, अटल सेवा केंद्रो, सरल सेवा केंद्रों पर जाकर अपने परिवार का ब्यौरा अभी दुरुस्त कराना होगा। जिसमें इन्हें परिवार के मुखिया व परिजनों का आधार कार्ड, पेन कार्ड, बैंक एकाउंट, जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल प्रमाण पत्र, वोटर आईडी कार्ड आदि पहचान साथ लाना होगा। मेरा परिवार-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर यूनिक पहचान संख्या के डालते ही पूरे परिवार का ब्यौरा खुल जाएगा। मांगी गई जानकारी और अभिलेखों के अनुसार उसे दुरुस्त कराना होगा। एसएमएस पढ़कर शुक्रवार की सुबह से ही सीएससी पर भीड़ जुटनी शुरू हो गई, लेकिन सीएससी संचालकों ने जैसे ही परिवार का ब्यौरा दुरुस्त करने के लिए वेबसाइट खोलने की कोशिश की तो वेबसाइट हैंग हो गई। बार बार खोलने की कोशिश की जाती रही लेकिन शाम तक स्थिति ज्यों की त्यों ही रही। जिस कारण आज परिवार का ब्यौरा अपडेट नहीं किया जा सका। सभी सीएससी पर लोग दिनभर इंतजार करते रहे।
बढ़ी भीड़ तो ध्वस्त हो गई सोशल डिस्टेसिंग
-परिवार पहचान पत्र की खामियों को दुरुस्त कराने के लिए लोग बड़ी संख्या में सीएससी पर पहुंचे लेकिन वेबसाइट हैंग होने के कारण ब्यौरा अपग्रेडेशन का कार्य शुरू नहीं हो सका, जिसके कारण लगातार भीड़ बढ़ती रही। इससे सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ने लगी। कई सीएससी संचालकों ने बताया कि उन्हें भी इसकी कोई जानकारी नहीं थी कि आज से परिवार पहचान पत्र का डाटा अपडेट होना है। वेबसाइट ओपेन नहीं होने के कारण व ऊपर से इस बाबत कोई दिशा निर्देश नहीं मिलने के कारण यह समझ में ही नहीं आ रहा है कि आखिर क्या करना है। एक एसएमएस आया था कि यह अभिलेख लेने हैं व पोर्टल पर डाटा अपडेट व दुरुस्त करना है।
हरियाणा सरकार चार अगस्त से परिवार पहचान प्रमाण पत्र वितरित करने की प्रक्रिया शुरू कर रही है, जो राशन कार्ड का डाटा हमारे पास था, उसके आधार पर 84 फीसदी यानी 276803 परिवारों के पहचान पत्र जारी करके यूनिक नंबर जारी कर दिया गया है लेकिन अभी डाटा काफी हद तक गलत व अधूरा है, जिसे अपडेट करना आवश्यक है। इसके लिए सभी परिवारों को एसएमएस भेजा गया है। सभी परिवारों को चाहिए कि वह सीएससी, सरल सेवा केंद्रों पर जाकर अपना परिवार का ब्यौरा दुरुस्त करा लें, ताकि उनके परिवार पहचान पत्र में कोई गलती न रहे।
-विनोद कुमार, जिला प्रबंधक एनआईसी करनाल।